Delhi Public Holiday: चार दिवसीय छठ महापर्व का उत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है और घरों में पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार छठ पूजा 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाई जा रही है। आज पर्व का दूसरा दिन यानी खरना है, जो बेहद पवित्र और अहम माना जाता है।

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दिल्ली सरकार ने 27 अक्टूबर को घोषित किया सार्वजनिक अवकाश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को घोषणा की कि राजधानी में 27 अक्टूबर को छठ पर्व के अवसर पर सरकारी अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व का तीसरा दिन सबसे अहम है, जब श्रद्धालु शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दिन घाटों पर लाखों श्रद्धालु एकत्र होते हैं, इसलिए सरकार ने सभी कर्मचारियों को अवकाश देने का निर्णय लिया है ताकि लोग अपने परिवार के साथ इस पर्व को धूमधाम से मना सकें।

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मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस दिन लोग सुबह से ही पूजा की तैयारियों में लग जाते हैं और दिनभर व्रत रखते हैं। इसी वजह से अवकाश घोषित कर लोगों को सुविधा देने का फैसला लिया गया है।

बिहार में 29 अक्टूबर तक रहेंगे स्कूल बंद

बिहार में छठ पूजा का महत्व सबसे अधिक है। यहां यह पर्व आस्था के साथ-साथ लोकसंस्कृति का प्रतीक भी माना जाता है। राज्य सरकार ने इस अवसर पर सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 29 अक्टूबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

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पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में घाटों की साफ-सफाई और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। जिलों में प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल, एनडीआरएफ टीमें और मेडिकल सहायता केंद्र भी तैनात किए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

उत्तर प्रदेश में भी छठ की धूम, छुट्टी पर अभी निर्णय नहीं

उत्तर प्रदेश में भी छठ पूजा का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पूर्वांचल क्षेत्र जैसे वाराणसी, गोरखपुर, बलिया और बनारस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर जुट रहे हैं।

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हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से अवकाश को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। लेकिन कई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने की सिफारिश की है ताकि श्रद्धालु त्योहार में शामिल हो सकें।

छठ पूजा के चार दिन और उनका महत्व

25 अक्टूबर - नहाय-खाय: व्रती इस दिन शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं और व्रत की शुरुआत होती है।

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26 अक्टूबर - खरना: पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है और शाम को गुड़ की खीर और रोटी से पूजा की जाती है।

27 अक्टूबर - संध्या अर्घ्य: डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, जो इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।

28 अक्टूबर - उषा अर्घ्य: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन होता है।

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छठ: प्रकृति, आस्था और परिवार का संगम

छठ पूजा न केवल धार्मिक नजरिए से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है। लोग अपनी और अपने परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करते हैं।

दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश के घाटों पर इस समय आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। महिलाएं पारंपरिक गीत गा रही हैं, पुरुष सजावट और व्यवस्था में जुटे हैं। पूरे देश में यह पर्व आस्था, अनुशासन और स्वच्छता का संदेश दे रहा है।