नई दिल्ली: पीएम आवास योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण इलाकों में साल 2022 तक सबको पक्का मकान मिल जाए। इस योजना के तहत केंद्र सरकार घर खरीदने के लिए सब्सिडी देती है। अब तक देश के लाखों जरूरतमंद लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। एक बार इस योजना में अप्लाई करने पर कन्फर्म होने में थोड़ा बहुत टाइम लग सकता है। अथॉरिटी से आपको सब्सिडी मिलने में 3 महीने तक का टाइम लग सकता है। सस्ते में घर खरीदने के लिए किया है अप्लाई, तो इन आसान तरीकों से चेक करें अपना नाम
अगर आपने अप्लाई कर दिया है तो आपको स्टेटस के बारे में पता करते रहना चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपने भी ब्याज सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया है, तो आपको घर बैठे ही अपने आवेदन की स्थिति का पता चल सकता है। जी हां, इसकी प्रक्रिया बेहद आसान है। इसके लिए आवेदक के पास नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर या क्लैप आईडी (जो बैंक की ओर से दी जाती है) जैसी जानकारी होनी चाहिए।
- अगर आपको बैंक की ओर से CLAP ID मिला है तो सबसे पहले https://pmayuclap.gov.in/ पर लॉग ऑन करिए।
- एप्लीकेशन आईडी के लिए निर्दिष्ट स्थान पर क्लैप आईडी प्रविष्ट कीजिए।
- अब गेट स्टेटस पर क्लिक कीजिए।
- इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा।
- ओटीपी डालकर वेरिफाई पर क्लिक कीजिए।
- इसके बाद आपको एप्लीकेशन का स्टेटस पता चल जाएगा।
- उल्लेखनीय है कि सीएलएसएस ट्रैकर में कुल पांच चरण दिखाई देते हैं। इनमें आपका एप्लीकेशन जिस स्टेज में होता है, वहां तक के स्टेप ग्रीन कलर से हाईलाइट हो जाते हैं।
- अगर पहला चरण हाईलाइट होता है तो इसका मतलब है कि एप्लीकेशन जेनरेट हो चुका है।
- दूसरे स्टेज का मतलब है कि पीएलआई यानी आपको लोन देने वाले बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने आपके क्लेम की अपनी और से जांच-पड़ताल कर ली है।
- तीसरे स्टेज का मतलब है कि सेंट्रल नोडल एजेंसी पोर्टल पर क्लेम अपलोड किया जा चुका है।
- चौथे स्टेज से इस बात की जानकारी मिलती है कि सब्सिडी के क्लेम को मंजूरी मिलती है या नहीं।
- अगर स्टेटस चेक करने पर पांचवां स्टेज भी ग्रीन हो जाता है तो इसका मतलब है कि सरकार ने बैंक को सब्सिडी रिलीज कर दी है।
वहीं अगर आपके पास असेसमेंट आईडी है तो https://pmaymis.gov.in/ पर लॉग ऑन करिए। यहां आपको 'Citizen Assessment' का ऑप्शन दिखेगा। इसमें ड्रॉप डाउन लिस्ट में आपको 'Track Your Assessment Status' का ऑप्शन मिलेगा। इस ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। इसमें आप नाम, पिता के नाम और मोबाइल नंबर से आवेदन की स्थिति का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा असेसमेंट आईडी से भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस): 3 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवार।
निम्न आय वर्ग (एलआईजी): 3 लाख से 6 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवार।
मध्यम आय वर्ग I (एमआईजी I): 6 लाख से 12 रुपए लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार।
मध्यम आय वर्ग II (एमआईजी II): 6 लाख से 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवार।
महिलाएं जो ईडब्लूएस और एलआईजी कैटेगरी से संबंधित हैं।
अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)।
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