नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने जीएसटी के तहत होने वाले घाटे की भरपाई के लिए राज्यों को जो विकल्प दिए हैं, उनको लेकर दिक्कतें सामने आने लगी है। केन्द्र ने राज्यों को जीएसटी मुआवजे की भरपाई के लिए राज्यों को दो विकल्प दिए हैं। इसके बाद अब गैर भाजपा राज्य इस मामले पर कॉमन रणनीति बनाने के लिए एक साथ आ सकते हैं। केन्द्र ने राज्यों से 1 हफ्ते में अपने फैसले से अवगत कराने को कहा है।
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वहीं दूसरे विकल्प के तहत राज्यों को कहा गया है कि वह जो भरपाई का करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये का कर्ज सीधे बाजार से उठा लें। लेकिन इस दशा में केन्द्र इस लोन के मूलधन यानी 2.35 लाख करोड़ रुपये की भरपाई जीएसटी सेस से कर करेगी, बाकी का ब्याज राज्यों को अपनी जेब से भरना पड़ेगा।
ऐसे में अब राज्यों को तय करना है कि उनको कौन सा विकल्प ठीक लगता है। लेकिन फिर भी गैर भाजपा राज्य अपनी बात वजनदार तरीके से उठाने के लिए एक छत के नीचे आने की तैयारी कर रहे हैं।
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