Byju's ने उधरदाताओं के साथ विवाद के बाद 1.2 अरब डॉलर के ऋण पर आगे भुगतान नहीं करने का निर्णय किया है। इससे एक संघर्ष की स्थिति बन गई है, जो देश के सबसे अधिक उड़ान भरने वाले स्टार्ट अप में से एक के फ्यूचर को खतरे में डाल सकता है।
मामले के जानकारो के मुताबिक, सोमवार को बायजू ने 40 मिलियन डॉलर के ब्याज का भुगतान नहीं किया है। 6 जून को एक बयान में कंपनी की तरफ से कहा गया है कि उसने कर्ज के संबंध में न्यूयॉर्क सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है।
कंपनी की तरफ से कहा गया है कि यह देखते हुए कि कानूनी कार्यवाही अब दोनों में डेलावेयर और न्यूयॉर्क में चल रही है, यह स्पष्ट है कि संपूर्ण टीएलबी विवादित है। अदालत के द्वारा इस विवाद का निर्णय होने तक किसी भी ब्याज के सहित टीएलबी उधारदाताओं को भुगतान नहीं करने का निर्णय किया है।
कोरोना महामारी के वक्त ऑनलाइन ट्यूटरिंग में तेजी काफी अधिक तेजी आई थी। इसके आने के बाद बायजू ऋणदाताओं के साथ कर्ज के पुनर्गठन का सौदा करने का प्रयास कर रहा था और इसकी वित्तीय स्थिति चरमरा गई थी।
मगर त्वरित पुनर्भुगतान की डिमांड करने वाले लेनदारों ने अधिक वक्त से चल रही वार्ताओं को रद्द कर दिया। न्यूयॉर्क में 5 जून को शाम 6 बजे तक भुगतान नहीं किया गया था, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोगों ने कहा कि कुछ ऋणदाता संभावित भुगतान डिफ़ॉल्ट को संबोधित करने के तरीके खोज दे रहे हैं।
ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, ऋण सोमवार को डॉलर पर 64.375 सेंट के निचले स्तर पर आ गया, जो 2 जून को 78 सेंट से नीचे था।
पूर्व शिक्षक बायजू रवींद्रन के नेतृत्व वाली कंपनी फाइनेंशियल अकाउंटस् की फाइलिंग की वक्त समय सीमा से चूक गई थी। इसके कार्यालयो की जांच की गई थी। इनके कार्यालय की जांच विदेशी मुद्रा नीतियों के उल्लंघन की जांच करने वाली भारतीय एजेंसी ने जांच की थी।
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