नयी दिल्ली। अगर आप दिल्ली में घर खरीदने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल अब दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना और भी महंगा होने जा रहा है। इसकी वजह है लगने वाला एक नया टैक्स। हालांकि ये टैक्स सिर्फ दक्षिणी दिल्ली में ही लागू होगा। क्योंकि दक्षिण दिल्ली एमसीडी ने ही ये टैक्स लगाने का फैसला किया है। दक्षिण दिल्ली एमसीडी ने प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर 1 फीसदी अतिरिक्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है। साथ ही दक्षिण दिल्ली एमसीडी ने प्रोफेश्नल टैक्स लागू किया है और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ा दिया है। इन सब उपायों से दक्षिण दिल्ली एमसीडी को 170 करोड़ रु की अतिरिक्त आमदनी होगी। मालूम हो कि प्रोफेश्नल टैक्स पर लंबे समय से चर्चा रही है, मगर नेताओं के विरोध के बीच इसे कभी भी लागू नहीं किया गया।
दक्षिण दिल्ली एमसीडी ने क्षेत्र में 50000 रु से 75000 रु तक सैलेरी वालों को 100 रु प्रति माह प्रोफेश्नल टैक्स देना होगा। 50000 रु से कम सैलेरी पर ऐसा कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा 75000 रु से 1 लाख रु तक पर 150 रु प्रति माह और इससे ज्यादा सैलेरी वालों को 200 रु प्रति माह प्रोफेश्नल टैक्स चुकाना होगा। वहीं सेल्फ-एम्प्लोयड (स्व-रोजगार) वालों में से 6 लाख रु सालाना इनकम तक पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। मगर 6 से 9 लाख रु सालाना इनकम वालों को 1200 रु (सालाना), 9 से 12 लाख रु इनकम वालों को 1800 रु और इससे ज्यादा वालों को 2400 रु सालाना प्रोफेश्नल टैक्स देना होगा। निगम के एक प्रस्ताव में कहा गया है कि ये टैक्स वेतनभोगी लोगों और डॉक्टरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट जैसे स्व-नियोजित प्रोफेशन्स पर लागू होगा। इन सभी को एनसीआर में कहीं और रहने पर भी
टैक्स का भुगतान करना होगा।
दक्षिण दिल्ली एमसीडी ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर 1 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है। ये एक ऐसा कदम है जिससे प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि होगी। बता दें कि ये शुल्क नगरपालिकाओं द्वारा अपनी सीमाओं के अंदर अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर लगाया जाता है। इसकी गणना संपत्ति की रजिस्टर्ड सेल्स वैल्यू पर की जाती है। इस समय अगर संपत्ति एक पुरुष के नाम पर है तो ट्रांसफर ड्यूटी 3 फीसदी लगती है और 2 फीसदी अगर मालिक कोई महिला है। अब पुरुषों के लिए ये 4 फीसदी और महिलाओं के लिए 3 फीसदी होगी। लेकिन यह तभी लागू होगी जब प्रॉपर्टी का पंजीकृत मूल्य 25 लाख रुपये से अधिक हो।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक निगमों के लिए ट्रांसफर ड्यूटी राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है। एसडीएमसी (दक्षिण दिल्ली एमसीडी) ने 2019-20 में 721 करोड़ रुपये इसी से कमाए। इससे पहले एसडीएमसी की ट्रांसफर ड्यूटी से इनकम 2018-19 में 630 करोड़ रुपये और 2017-18 में 518 करोड़ रु रही। इस अधिकारी का मानना है कि इस बढ़ोतरी के बाद एसडीएमसी को सालाना 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इनकम होगी।
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