Share Market Closing : भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखा दी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव के बावजूद बाजार ने जोरदार रिकवरी दर्ज की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक हालात अप्रैल-मई में सुधरते हैं, तो निफ्टी में 15-20% तक उछाल की संभावना है।

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कारोबारी दिन की शुरुआत भले ही सतर्क रही, लेकिन अंत तक बाजार ने शानदार वापसी की। सेंसेक्स 787 अंक चढ़कर 74,106.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 255 अंकों की तेजी के साथ 22,968 का स्तर पार किया। बैंक निफ्टी 1060 अंकों की छलांग लगाते हुए 52,675 पर बंद हुआ। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

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Share Market ने कैसे पलटी बाज़ी?

1. ग्लोबल सपोर्ट: अमेरिका-ईरान वारविराम योजना

रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के लिए संभावित योजना सामने आई है। हॉर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने की उम्मीद और दोनों देशों के बीच MoU की तैयारी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत भी भारतीय बाजार को सहारा दे रहे हैं।

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2. FII की वापसी

विदेशी निवेशकों ने पिछले दिनों की बिकवाली के बाद खरीदारी फिर से शुरू की। इस फ्लो ने मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाई और तेजी को बल दिया।

3. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की लीड

एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों में खरीदारी ने पूरे बाजार को ऊपर खींचा। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की मजबूती ने निफ्टी को सपोर्ट किया।

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4. क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी

ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के आसपास रहा, जिससे भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत मिली। तेल सस्ता होने से महंगाई और करेंसी पर दबाव कम हुआ, जो बाजार के लिए पॉजिटिव है।

हालांकि, जोखिम अभी भी बरकरार हैं। अगर मिडिल ईस्ट तनाव लंबा खिंचता है, तो FY27 की अर्निंग ग्रोथ में 2-6% तक की कमी आ सकती है। वर्तमान में बाजार 20x PE रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जो ऐतिहासिक औसत 15x से अधिक है।

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फिलहाल निवेशकों के लिए रणनीति साफ है-गिरावट में खरीदारी, बैंकिंग और क्वालिटी लार्जकैप पर फोकस, ओवरएक्सपोजर से बचाव। विशेषज्ञों का कहना है कि इतिहास दिखाता है कि सबसे बड़ा पैसा अक्सर तब बनता है जब डर सबसे ज्यादा होता है।