प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई से 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में शामिल है, जिसे 3.5 साल से कम समय में पूरा किया गया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जोड़ता है। 6 लेन वाला यह एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से माल परिवहन की गति बढ़ेगी, ट्रांजिट समय घटेगा और सप्लाई चेन अधिक प्रभावी बनेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमान के अनुसार, इस परियोजना से हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ तक की लॉजिस्टिक्स बचत हो सकती है। इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे अगले 10 वर्षों में करीब 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर सकता है। साथ ही राज्य की जीडीपी में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का योगदान देने की संभावना जताई गई है।
मेरठ से प्रयागराज का सफर होगा आसान
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। पहले जहां यह सफर लगभग 11 घंटे में तय होता था, वहीं अब इसे करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। ईंधन की खपत में भी लगभग 30 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है।
अदाणी ग्रुप ने तैयार किया बड़ा हिस्सा
यह परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की गई है। अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड, जो अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है, ने एक्सप्रेसवे के 464 किलोमीटर हिस्से का निर्माण किया, जो कुल परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत है। शेष 130 किलोमीटर हिस्से का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया।
सुरक्षा और रणनीतिक महत्व भी बढ़ा
गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा के लिए AI-सक्षम कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं, जो रियल टाइम अलर्ट देकर दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे। इसके अलावा, शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी भी बनाई गई है, जहां भारतीय वायुसेना के विमान आपात स्थिति में उतर सकेंगे।
12 जिलों और करोड़ों लोगों को लाभ
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों और 519 गांवों से होकर गुजरता है। इससे करीब 8 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर औद्योगिक क्लस्टर्स, कृषि क्षेत्रों, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स हब्स को जोड़ते हुए राज्य में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
औद्योगिक और पर्यटन विकास को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार एक्सप्रेसवे के आसपास 11 औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा गरहमुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेल्हा देवी, चंद्रिका शक्तिपीठ और त्रिवेणी संगम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकसित भारत मिशन को मजबूती
गंगा एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार की पीएम गति शक्ति, भारतमाला और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन जैसी योजनाओं के अनुरूप विकसित किया गया है। इसे विकसित भारत के विजन को गति देने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कदम माना जा रहा है।
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