देश में ई-20 पेट्रोल को लेकर जारी चर्चा के बीच दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 से जुड़े मुद्दों पर नेशनल टाउनहॉल का आयोजन किया। कार्यक्रम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी संख्या में दर्शकों ने देखा।
टाउनहॉल के दौरान आम आदमी पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर करीब 7 लाख (7,00,262) दर्शकों के एक साथ लाइव जुड़े होने का आंकड़ा सामने आया। इसी अवधि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव दर्शकों की संख्या करीब 3,324 दिखाई गई।
ई-20 पेट्रोल को लेकर अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए। आम आदमी पार्टी के मुताबिक, टाउनहॉल में वाहन मालिकों, मैकेनिकों, प्रोफेसरों और डिलीवरी राइडर्स सहित अलग-अलग वर्गों से जुड़े लोगों ने माइलेज, वाहन रखरखाव और ई-20 के इस्तेमाल से संबंधित अपनी चिंताएं साझा कीं।
केजरीवाल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 दोनों विकल्प उपलब्ध कराने, शुद्ध पेट्रोल की कीमत ई-20 से कम रखने और पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाने की मांग शामिल है। उन्होंने ई-20 को लेकर उपभोक्ताओं के बीच मौजूद आशंकाओं पर विस्तृत जानकारी और वैज्ञानिक आंकड़े सार्वजनिक किए जाने की जरूरत भी बताई।
ई-20 को लेकर देश में पिछले कुछ समय से तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर चर्चा होती रही है। समर्थकों का कहना है कि पेट्रोल में अधिक मात्रा में एथेनॉल मिलाने से आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने और जैव ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। वहीं, कुछ वाहन मालिक और विशेषज्ञ पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव, माइलेज और रखरखाव लागत जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
टाउनहॉल के बाद सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के लाइव दर्शकों की संख्या को लेकर भी चर्चा हुई। आम आदमी पार्टी ने इसे ई-20 नीति को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि और चिंताओं से जोड़कर देखा है। पार्टी की ओर से इसे एक बड़ी डिजिटल राजनीतिक पहल के रूप में भी पेश किया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स ने यह भी सवाल उठाया कि अलग-अलग राजनीतिक कार्यक्रमों के लाइव व्यूअर आंकड़ों की तुलना कितनी सार्थक है।
फिलहाल ई-20 पेट्रोल का मुद्दा राजनीतिक बहस के साथ-साथ उपभोक्ताओं और वाहन उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। केजरीवाल के टाउनहॉल ने इस बहस को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक नया राजनीतिक आयाम दिया है, जबकि सरकार की ईंधन नीति के समर्थक और आलोचक दोनों अपने-अपने तर्कों के साथ चर्चा में सक्रिय हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग