Copper Investment: पिछले कुछ समय से कमोडिटी बाजार में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है-कॉपर (Copper)। कई एक्सपर्ट इसे "New Gold" यानी नया सोना कह रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कॉपर को इतनी अहमियत क्यों मिल रही है? क्या इसमें निवेश करना सही रहेगा? और क्या यह सोने और चांदी की तरह निवेशकों को शानदार रिटर्न दे सकता है?
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि आने वाले वर्षों में कॉपर की मांग तेजी से बढ़ सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड और सीमित सप्लाई।
क्यों कहा जा रहा है कॉपर को 'नया गोल्ड'?
Commodity Expert Ajay Kedia के मुताबिक, पिछले एक साल में कॉपर ने शानदार प्रदर्शन किया है और निवेशकों का रुझान भी लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि कोविड के बाद दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सोलर एनर्जी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का तेजी से विस्तार हुआ है। इन सभी सेक्टरों में कॉपर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
मांग बढ़ रही, लेकिन सप्लाई नहीं
कॉपर की सबसे बड़ी चुनौती इसकी सप्लाई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉपर की मांग और सप्लाई के बीच लगभग 17.5 साल का अंतर देखने को मिल रहा है। इसका मतलब है कि जितनी तेजी से मांग बढ़ रही है, उतनी तेजी से नई खदानें (Mines) विकसित नहीं हो पा रही हैं।
इसके पीछे कई कारण हैं-
- नई कॉपर माइंस विकसित होने में लंबा समय लगता है।
- कई खदानों में श्रमिकों की कमी है।
- उत्पादन से जुड़ी तकनीकी और कच्चे माल की चुनौतियां भी बनी हुई हैं।
ऐसे में आने वाले वर्षों में सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है।
कॉपर में अभी भी कमाई का मौका है?
एक्सपर्ट का मानना है कि जिन निवेशकों ने सोना और चांदी की तेजी का फायदा नहीं उठाया, उनके लिए कॉपर एक नया अवसर बन सकता है।
उनका कहना है कि फिलहाल कॉपर करीब 1,330-1,335 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। आने वाले समय में इसमें अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
EV और सोलर सेक्टर से मिलेगी बड़ी ताकत
कॉपर की मांग सिर्फ निर्माण क्षेत्र तक सीमित नहीं है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स
- सोलर एनर्जी
- डेटा सेंटर
- सेमीकंडक्टर
- पावर इंफ्रास्ट्रक्चर
जैसे सेक्टरों में कॉपर का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। जैसे-जैसे दुनिया क्लीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ेगी, कॉपर की मांग भी बढ़ती जाएगी।
क्या अभी Copper खरीदना सही रहेगा?
अजय केडिया का कहना है कि चीन में आयात में कुछ कमजोरी जरूर देखने को मिली है, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा चिंता सप्लाई की है, डिमांड की नहीं।
उनके मुताबिक, जैसे ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा, EV, सोलर और सेमीकंडक्टर सेक्टर से कॉपर की मांग फिर तेज हो सकती है।
ऐसे में मौजूदा स्तर पर कॉपर में निवेश पर विचार किया जा सकता है।
Copper को लकेर Ajay Kedia की Strategy
- कॉपर करीब 1,320-1,330 रुपये के आसपास आकर्षक स्तर पर है।
- निवेश करते समय 1,260 रुपये का स्टॉप लॉस रखा जा सकता है।
- यदि निवेशक 3 से 4 महीने का नजरिया रखें तो कॉपर में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
क्या निवेशकों को कॉपर पर नजर रखनी चाहिए?
कॉपर अब सिर्फ एक औद्योगिक धातु नहीं रह गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग इसे भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण धातुओं में शामिल कर रही है।
हालांकि, किसी भी कमोडिटी में निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता को समझना और किसी योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना जरूरी है। यदि लंबी अवधि में इंडस्ट्रियल ग्रोथ की रफ्तार बनी रहती है, तो कॉपर निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
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