नयी दिल्ली। शेयर बाजार मुनाफा कमाने के लिए सबसे बेहतर जगहों में से एक है। यहां आपको कुछ ही दिन में तगड़ा रिटर्न मिल सकता है। एक ही शेयर कुछ ही दिन में आपका पैसा दो-तीन गुना तक बढ़ा सकता है। ऐसा ही कुछ बर्गर किंग कंपनी के शेयर ने किया है। इस शेयर ने केवल तीन दिन में निवेशकों का पैसा तीन गुना से ज्यादा कर दिया। यानी जिस निवेशक ने इस कंपनी के 1 लाख रु के शेयर खरीदे होंगे, अब उसकी निवेश की गई रकम 3 लाख रु से ज्यादा होगी। बर्गर किंग का आईपीओ 2020 के आखिरी कुछ इश्यू में से एक रहा है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।
हाल ही में कंपनी का आईपीओ आया था, जिसमें इसके शेयरों का रेट 60 रु रखा गया था। आईपीओ के बाद 14 दिसंबर को इसका शेयर बीएसई पर 115.25 रु पर लिस्ट हुआ। यानी कंपनी का शेयर 92.25 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ। इसके बाद मंलवार और आज यानी बुधवार को ये 20-20 फीसदी मजबूत हुआ। बुधवार 16 दिसंबर को बर्गर किंग का शेयर 199.25 रु पर बंद हुआ है। आईपीआई में 60 रु से ये लिस्टिंग के तीन दिनों के अंदर 199 रु पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों का पैसा तीन गुना से ज्यादा हो गया है।
किसी भी शेयर की लिस्टिंग का भाव आईपीओ में निवेशकों की ओर से मिलने वाले रेस्पोंस पर निर्भर करता है। बर्गर किंग का आईपीओ भी शानदार रहा था। इसका 810 करोड़ रु का आईपीओ 2 से 4 तक के लिए खुला था। इस आईपीओ इश्यू को निवेशकों ने 156.65 गुना आवेदन भेजे थे। कंपनी ने कहा था कि आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली पूंजी का इस्तेमाल ये कर्ज चुकाने और अपना विस्तार करने के लिए करेगी।
कंपनी के पास 259 स्वामित्व वाले बर्गर किंग रेस्तरां और नौ सब-फ्रेंचाइज्ड बर्गर किंग रेस्तरां हैं। बर्गर किंग का दिसंबर 2026 के अंत तक अपने रेस्तरां की संख्या बढ़ा कर 700 करने का लक्ष्य है। बता दें कि जानकारों ने बर्गर किंग के 70-75 फीसदी प्रीमियम साथ लिस्टिंग का अनुमान लगाया था। मगर इसकी लिस्टिंग ने जानकारों के अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया।
बता दें कि इस शेयर को तगड़ा रिटर्न देने वाला बताया गया है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये शेयर 2-3 साल की अवधि के लिए निवेश करने के लिहाज से बेहतर है। शुरुआत में धमाल मचाने वाला ये शेयर आने वाले समय में आपकी निवेश राशि को कई गुना बढ़ा सकता है।
नयी-नयी कंपनियां आईपीओ लाती रहती हैं। इसलिए आपके लिए जानना जरूरी है कि आईपीओ क्या होता है। किसी कंपनी द्वारा पहली बार शेयरों को बेचने के लिए लाए जाने वाले पब्लिक इश्यू को आईपीओ कहते हैं। आईपीओ यानी इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग के तहत कोई कंपनी अपने शेयरों को आम निवेशकों को बेचती है और फिर ये स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाती है। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद उस कंपनी के शेयरों में खरीद-फरोख्त होती है।
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