नई दिल्ली, जुलाई 7। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी के बाद एचडीएफसी बैंक ने भी अपने ग्राहकों को तगड़ा झटका दिया है। भारत के प्राइवेट क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को लोन लेने पर ब्याज के रूप में अधिक पैसा खर्च करना होगा। एचडीएफसी बैंक की अपनी वेबसाइट के अनुसार सभी अवधियों के लिए इसने अपनी उधार दर की सीमांत लागत या एमसीएलआर में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। एचडीएफसी बैंक की नई एमसीएलआर दरें 7 जुलाई गुरुवार से लागू हो गई हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले पीएनबी ने भी अपनी एमसीएलआर में बढ़ोतरी की थी।
एचडीएफसी बैंक की तरफ से एमसीएलआर दर में वृद्धि ऐसे समय पर हुई है जब भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने पिछले महीने एमपीसी बैठक के दौरान अपनी रेपो दरों में 50 आधार अंकों की वृद्धि की है। एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर दर में वृद्धि का मतलब यह होगा कि नए और मौजूदा उधारकर्ताओं के लिए लोन ब्याज में वृद्धि होगी, जिसमें होम लोन, ऑटो लोन और सीमांत लागत से संबंधित किसी भी अन्य लोन के लिए ईएमआई) शामिल हैं।
एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर दरें ओवरनाइट, एक महीने और तीन महीने के लिए बढ़ाकर 7.70 फीसदी, 7.75 फीसदी और 7.80 फीसदी कर दी गई हैं। इन सभी अवधियों की एमसीएलआर में 20 बीपीएस की बढ़ोतरी की गयी है। छह महीने और एक साल की अवधि के लिए एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर दरें क्रमश: 7.90 फीसदी और 8.05 फीसदी होंगी। इनमें भी 20 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है।
एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर को दो और तीन साल के कार्यकाल के लिए क्रमशः 20 बीपीएस बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत और 8.25 प्रतिशत कर दिया गया है। एचडीएफसी बैंक की तरफ से की गयी एमसीएलआर दर में वृद्धि के नतीजे में आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण और अधिक महंगे होने जा रहे हैं। इन तमाम लोन की ईएमआई बढ़ेगी।
एचडीएफसी बैंक के मौजूदा होम लोन ग्राहकों को ध्यान रहे कि ईएमआई को तभी संशोधित किया जाएगा जब उनके लोन की रीसेट तिथि आ जाएगी। रीसेट तिथि आने पर ऋणदाता मौजूदा एमसीएलआर के आधार पर उधारकर्ताओं के होम लोन पर ब्याज दर में वृद्धि या बदलाव करेगा। इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति का होम लोन एमसीएलआर पर आधारित है, और रीसेट की तारीख सितंबर में है, तो उसे सितंबर से बढ़ी हुई ईएमआई का भुगतान करना होगा। तब तक, उधारकर्ता अपनी मौजूदा दरों के आधार पर भुगतान करेगा।
नये बदलाव के बाद पीएनबी की एक साल की एमसीएलआर 7.40 से बढ़ाकर 7.55 फीसदी कर दी गई है। ओवरनाइट, एक महीने और तीन महीने की एमसीएलआर में 15-15 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गयी है और अब ये दरें क्रमश: 6.90, 6.95 और 7.05 प्रतिशत हो गयी हैं। छह महीने की एमसीएलआर को बढ़ा कर 7.25 फीसदी और तीन साल की एमसीएलआर को 7.85 फीसदी कर दिया गया है।
बेस रेट में भी बढ़ोतरी
पीएनबी के अनुसार बैंक ने आधार दर को भी 8.50 से बढ़ा कर 8.75 प्रतिशत कर दिया है और संशोधित दर 1 जुलाई, 2022 से प्रभावी है।
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