Budget 2026: देश का आम बजट हमेशा से लोगों की आमदनी और खर्च से जुड़ा अहम दस्तावेज रहा है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी, तब करोड़ों लोगों की नजर उनके हर ऐलान पर होगी। खासकर वे लोग जो शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश विकल्पों में पैसा लगाते हैं, उनके लिए यह बजट काफी अहम माना जा रहा है।

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हर साल बजट से पहले टैक्स को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं। इस बार भी निवेशकों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा LTCG टैक्स को लेकर हो रही है। लंबे समय से मांग की जा रही है कि इस टैक्स में राहत दी जाए ताकि निवेश को बढ़ावा मिल सके।

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LTCG टैक्स आखिर है क्या?

LTCG टैक्स का मतलब है लंबे समय के निवेश पर होने वाले लाभ पर लगने वाला टैक्स। जब कोई व्यक्ति किसी निवेश को तय समय से ज्यादा समय तक रखता है और फिर उसे बेचकर मुनाफा कमाता है, तो उस मुनाफे पर सरकार टैक्स लगाती है।

शेयर बाजार की बात करें तो अगर कोई निवेशक किसी शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड को एक साल से ज्यादा समय तक रखने के बाद बेचता है, तो उस पर मिलने वाला फायदा LTCG के दायरे में आता है।

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मौजूदा टैक्स व्यवस्था क्या कहती है?

अभी के नियमों के अनुसार, अगर किसी निवेशक को सालभर में 1 लाख रुपए तक का लंबी अवधि का मुनाफा होता है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन जैसे ही यह सीमा पार होती है, अतिरिक्त रकम पर 10 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है।

यही नियम कई निवेशकों को खटकता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि लंबे समय तक निवेश करने के बावजूद टैक्स का बोझ बना रहता है।

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निवेशक बदलाव क्यों चाहते हैं?

लंबी अवधि के निवेश का मकसद भविष्य को सुरक्षित करना होता है। लोग रिटायरमेंट, बच्चों के भविष्य या बड़ी जरूरतों के लिए सालों तक पैसा लगाते हैं। लेकिन जब निवेश बेचने पर टैक्स कटता है, तो कुल रिटर्न कम हो जाता है।

इसके अलावा इस टैक्स में महंगाई के असर को ध्यान में नहीं रखा जाता, जिससे असली फायदा और घट जाता है। निवेशकों का मानना है कि अगर सरकार इस टैक्स को कम करे या सीमा बढ़ाए, तो ज्यादा लोग निवेश की ओर बढ़ेंगे।

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बजट 2026 से क्या है उम्मीद?

बजट 2026 को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए कुछ राहत दे सकती है। अगर LTCG टैक्स में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर बाजार के माहौल पर पड़ेगा और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।

अब फैसला सरकार के हाथ

अब सबकी नजर 1 फरवरी पर टिकी है। देखना होगा कि सरकार LTCG टैक्स को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है या नहीं। बजट 2026 में लिया गया फैसला आने वाले समय में निवेश की दिशा तय कर सकता है।