Budget 2026: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केन्द्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। अब सबकी नजर उनके भाषण पर है। इस साल संसद का सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। FM 1 फरवरी बजट में सरकार के पूरे लेखा जोखे का हिसाब देंगी।

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वहीं, बजट पेश करने के कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें समझने में आम लोगों को काफी दिक्कत लगती है। चलिए आपको कुछ ऐसे ही शब्दों से रूबरू करवाते हैं जिन्हें आप जान जाएं और बजट भाषण के दौरान आसानी से समझ सकें।

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वित्त वर्ष क्यों जरूरी होता है

सरकार अपने पूरे खर्च और आमदनी का हिसाब वित्त वर्ष के अनुसार रखती है। भारत में वित्त वर्ष हर साल 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च को खत्म होता है। बजट में जो भी घोषणाएं होती हैं, वे इसी समय सीमा के लिए लागू मानी जाती हैं।

फिस्कल डेफिसिट का मतलब

सरकार जितना कमाती है और जितना खर्च करती है, उसके बीच के अंतर को फिस्कल डेफिसिट कहा जाता है। अगर खर्च ज्यादा और आमदनी कम हो, तो सरकार को कर्ज लेना पड़ता है। बजट में इस आंकड़े पर खास ध्यान दिया जाता है, क्योंकि यह देश की आर्थिक स्थिति को दिखाता है।

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इनडायरेक्ट टैक्स कैसे लगता है

इनडायरेक्ट टैक्स आम आदमी रोजमर्रा की जिंदगी में चुकाता है। जब आप कोई सामान खरीदते हैं या कोई सर्विस लेते हैं, तो उसकी कीमत में टैक्स जुड़ा होता है। दुकानदार यह टैक्स सरकार को देता है, लेकिन असल में पैसा ग्राहक की जेब से जाता है।

जीडीपी क्यों है चर्चा में

जीडीपी का मतलब है एक साल में देश के भीतर तैयार होने वाले सभी सामान और सर्विसों की कुल कीमत। यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है। बजट में विकास की योजनाएं और लक्ष्य इसी आधार पर तय किए जाते हैं।

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डायरेक्ट टैक्स क्या होता है

डायरेक्ट टैक्स वह कर है, जो व्यक्ति या कंपनी खुद सरकार को देती है। इस टैक्स का बोझ किसी और पर नहीं डाला जा सकता। आपकी कमाई जितनी ज्यादा होगी, टैक्स की रकम भी उसी हिसाब से बढ़ती है। सैलरी या बिजनेस से होने वाली आमदनी पर लगाया जाने वाला टैक्स इसी कैटेगरी में आता है।

आम लोगों के लिए बजट क्यों अहम

बजट से तय होता है कि

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टैक्स में राहत मिलेगी या नहीं

महंगाई पर कितना असर पड़ेगा

रोजगार और विकास के नए मौके बनेंगे या नहीं

अगर बजट से जुड़े इन बुनियादी शब्दों को समझ लिया जाए, तो बजट भाषण सिर्फ नेताओं की बात नहीं लगेगा, बल्कि आम आदमी के काम की जानकारी बन जाएगा। Budget 2026 को समझना अब और आसान हो सकता है।