Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 1 फरवरी, रविवार को संसद में पेश किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश जाने वाले इस बजय से तमाम सेक्टर को बहुत उम्मीदें हैं। आम लोगों से लेकर खास लोगों तक में रेलवे, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को लेकर होने वाली घोषणा पर विशेष फोकस रहता है।

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ऐसे में समझना जरूरी हो जाता है कि किस सेक्टर को अधिक फायदा मिलने की संभावना है। दरअसल, यूनियन बजट 2026 से बाजार और एक्सपर्ट्स को डिफेंस (Defence) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) सेक्टर में सबसे बड़े उछाल की उम्मीद है। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले इस बजट में 'आत्मनिर्भर भारत' और 'कैपेक्स (Capex)' पर सरकार का विशेष जोर रहने वाला है।

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प्रमुख सेक्टर्स की प्रमुख उम्मीदें इस प्रकार हैं:

1. डिफेंस (Defence): सबसे ज्यादा फोकस की उम्मीद

  • बजट में बढ़ोतरी: 'ऑपरेशन सिंदूर' और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बाद रक्षा बजट में 20-25% की भारी वृद्धि की संभावना है।
  • पूंजीगत व्यय (Capital Outlay): रक्षा मंत्रालय के लिए कुल बजट ₹6.81 लाख करोड़ से ऊपर जाने की उम्मीद है, जिसमें आधुनिक हथियारों और तकनीक की खरीद के लिए ₹2.1-2.3 लाख करोड़ आवंटित किए जा सकते हैं।
  • R&D और AI: डिफेंस रिसर्च (R&D) के लिए बजट बढ़ाकर ₹35,000-40,000 करोड़ किया जा सकता है, जिसमें AI और ड्रोन तकनीक पर मुख्य ध्यान होगा।

2. इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure): विकास का मुख्य इंजन

  • पूंजीगत खर्च (Capex): सरकार कुल बुनियादी ढांचे पर खर्च को 10-15% बढ़ाकर ₹12-12.5 लाख करोड़ तक ले जा सकती है।
  • फायदा: इसका सीधा लाभ सड़कों, शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, डिफेंस और इंफ्रा इस बजट के 'टॉप बेट्स' हो सकते हैं।

3. रेल (Railways): सुरक्षा और आधुनिकीकरण पर जोर

बजट आवंटन: रेलवे के लिए ₹2.65 लाख करोड़ के आसपास का आवंटन रहने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 5% अधिक होगा।

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मुख्य प्राथमिकताएं:

  • कवच (Kavach): ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच 4.0' के विस्तार के लिए बड़े फंड की उम्मीद है।
  • नई ट्रेनें: 200 वंदे भारत, 100 अमृत भारत और 50 नमो भारत ट्रेनों की घोषणा और विस्तार पर ध्यान रहेगा।
  • आधुनिकीकरण: सिग्नल सिस्टम अपग्रेड और पुराने ट्रैक्स को बदलने के लिए अतिरिक्त बजट मिल सकता है।

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, डिफेंस सेक्टर इस बार निवेश और नीतिगत बदलावों के मामले में 'डार्क हॉर्स' साबित हो सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर निवेश से सीमेंट और स्टील कंपनियों को लाभ होगा, जबकि रेलवे में फोकस नए प्रोजेक्ट्स के बजाय मौजूदा प्रोजेक्ट्स के 'एग्जीक्यूशन' (कार्यान्वयन) और सुरक्षा पर अधिक रहेगा।