Budget 2025: भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 पेश कर दिया है और ऐसे में आम जनता के लिए कई सारे ऐलान किए हैं। इस बजट में गिग वर्कर्स को पर भी फोकस किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन वर्कर्स के लिए एक खास योजना की घोषणा की, जिसमें फूड डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर, फ्रीलांसिंग, लॉजिस्टिक्स और ऑनलाइन सर्विस से जुड़े लोग शामिल हैं। इसका उद्देश्य देशभर में लगभग 1 करोड़ गिग वर्कर्स को सोशल सिक्यूरिटी और हेल्थ इंश्योरेंस फ्री मिलेगा।

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कौन होते हैं गिग वर्कर्स?

गिग वर्कर वो लोग होते हैं जिन्हें हर कार्य के आधार पर काम पर रखा जाता है। इनमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोग, डिलिवरी सर्विस, टैक्सी सर्विस, कॉल पर सुधार कार्य करना जैसी बहुत सी सर्विस शामिल होती हैं। नई योजना उन्हें पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रदान करेगी।

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हेल्थ इंश्योरेंस का मिलेगा फायदा

इस नए प्रावधान के तहत, गिग वर्कर्स को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। इस पहल से लगभग 1 करोड़ गिग वर्कर्स को बहुत सामाजिक सुरक्षा और हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज प्रदान करके सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

गिग वर्कर्स को सहायता देने का सरकार का निर्णय इस क्षेत्र में काम करने वाली व्यक्तियों की बढ़ती संख्या से उपजा है। बहुत से लोग फ़ूड डिलीवरी, कैब ड्राइविंग, फ्रीलांसिंग, लॉजिस्टिक्स और ऑनलाइन सर्विस जैसी भूमिकाओं में बिना किसी अतिरिक्त सुरक्षा या अपने नियोक्ताओं से लाभ के काम करते हैं। इसे देखते हुए पहचानते, सरकार ने उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।

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ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

ई-श्रम पोर्टल इन गिग वर्कर्स पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करेगा, ताकि वे सरकारी योजनाओं तक पहुंच सकें। शुरू में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए डिज़ाइन किए गए इस पोर्टल में अब गिग वर्कर्स को भी शामिल किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य उनकी पहचान और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।

इस पहल को गिग वर्कर्स के लिए एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान होगा।