Budget 2025: 1 फरवरी को निर्माला सितारमण बजट पेश करने वाली है। बजट 2025 में सीनियर सिटीजन को कई सारे तोहफे मिल सकते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े हुए बदलाव भी इस बार बजट में होने की उम्मीद है जिससे बुढ़ापे में आम जनता पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। माना जा रहा है कि वित्त मंत्री सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की लिमिट बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक किया जा सकता है। इस पर एक्सपर्ट की क्या राय है आइए वो भी आपको बताते हैं।
बुजुर्गों के लिए योजनाओं में भी बदलाव की उम्मीद
हेल्थकेयर सेक्टर में बिमारियों पर होने वाला खर्च बहुत अधिक होता है तो ऐसे में बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम लिमिट बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, पोस्ट ऑफिस स्कीम सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और एनपीएस में बदलाव की उम्मीद हैं।
एक्सपर्ट की बजट 2025 से उम्मीदें
श्रीकांत कांडीकोंडा(मुख्य वित्तीय अधिकारी मणिपालसिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस) के अनुसार, 'वित्त मंत्री द्वारा कुछ ही दिनों में केंद्रीय बजट पेश किए जाने के साथ, स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र एक ऐसे अहम मोड़ पर खड़ा है जहां नीतिगत सुधार भारत में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और कवरेज के परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकते हैं।
हेल्थकेयर की लागत में वृद्धि हो रही है और छह सालों में इसके दोगुना होने की उम्मीद है, हम सरकार से ऐसे उपायों को लागू करने का आग्रह करते हैं जो सभी भारतीयों के लिए स्वास्थ्य सेवा को अधिक किफायती बनाने में मदद कर सकें। एक स्वस्थ भारत के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार स्वास्थ्य सेवा व्यय के लिए परिव्यय को 2025 तक सकल घरेलू उत्पाद के 2.5% तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा अनुमान के अनुसार भारत के आउट-ऑफ-पॉकेट एक्सपेंस में 2013-14 के 64.2% से 2021-22 में लगभग 40% की गिरावट देखी गई है, हम अभी भी यूनिवर्सल स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के अपने मिशन की दिशा में काम कर रहे हैं। इसलिए, हम सरकार से इस बजट के दौरान सार्वजनिक हेल्थ केयर एक्सपेंस के लिए खर्च बढ़ाने का अनुरोध करते हैं, क्योंकि यह समय की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य सेवा की बढ़ती लागत और उच्च बीमा राशि कवर की आवश्यकता को देखते हुए, सरकार को आयकर की धारा 80डी के तहत स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम की सीमा को सभी के लिए 50,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपये तक बढ़ाकर टैक्स का बोझ कम करना चाहिए। यह सरकार के विज़न '2047 तक सभी के लिए बीमा' को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है और इससे अपने स्वास्थ्य और वित्तीय कल्याण में निवेश करने वाले परिवारों पर वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।'
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सीनियर सिटीजन को इस बार बजट में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं और इससे उनकी जेब पर कम बोझ पर पड़ने का अनुमान है।
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