Budget 2025 Fiscal Deficit: देश का बजट पेश किया जा चुका है. देश की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 1 फरवरी, 2025 को बजट पेश किया. इसमें सरकार का टारगेट फाइनेंशियर ईयर 2025-26 के लिए जीडीपी के 4.4% पर फिस्कल डेफिसिट को कम करना है, जो इस साल संशोधित 4.8% से कम है. जबकि पर्सनल टैक्सेज में बड़े बदलाव किए हैं. क्योंकि टैक्सेशन में बदलाव के चलते करीब 1 ट्रिलियन रुपए का घाटा होगा.
सरकार घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से ग्रॉस बॉरोइंग को बढ़ाकर 14.82 लाख करोड़ रुपए (171.26 बिलियन डॉलर) करने की योजना बना रही है, जो इस साल 14.01 लाख करोड़ रुपए है. नेट मार्केट बॉरोइंग 11.54 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 11.63 लाख करोड़ रुपए से थोड़ा कम है.
डेट टू जीडीपी पर फोकस
सरकार का प्लान फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से अहम बेंचमार्क के तौर पर डेट टू जीडीपी पर शिफ्ट करने का है, जो कहता है कि कर्ज का लेवल घटाकर 31 मार्च 2031 तक 50% पर करना है. यह मौजूदा समय में 57.1% के लेवल पर है. बजट घाटा कम होने से सरकार की फिस्कल को लेकर मंशा दिख रहा.
इन ऐलानों पर भी फोकस
सरकार ने हेल्थ सर्विस सेक्टर में अगले 5 सालों में 75,000 मेडिकल सीटों का इजाफा करने की बात कही है. फाइनेंशियल ईयर 2026 तक सरकारी अस्पतालों में 200 डे केयर कैंसर सेंटर बनाने का भी ऐलान हुआ है. इसके अलावा डिलीवरी कर्मियों के लिए एक बीमा योजना पर भी काम चल रहा है. श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल डेवलप किया जाएगा. इसके अलावा जल-जीवन मिशन प्रोजेक्ट्स के लिए राज्यों को 50 सालों के लिए कुल 1.5 लाख करोड़ रुपए का मुफ्त लोन मिलेगा.
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