Budget 2024: विनिवेश का मतलब है किसी कंपनी, सब्सिडियरी कंपनी या अन्य निवेश में हिस्सेदारी बेचना. सरकारें आम तौर पर नॉन-प्रॉफिट असेट यानी NPA से होने वाले नुकसान को कम करने और किसी विशेष इंडस्ट्री से बाहर निकलने या धन जुटाने के लिए विनिवेश का सहारा लेती हैं. जैसे इसी साल पेश हुए अंतरिम बजट में सरकार ने FY25 के लिए विनिवेश का टारगेट 50 हजार करोड़ रुपए रखा है.
इकोनॉमी के लिए क्या है विनिवेश के मायने?
सरकारें अक्सर राजस्व बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचती हैं. हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने घाटे में चल रही कंपनियों से बाहर निकलने और नॉन-टैक्स राजस्व बढ़ाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल किया है. विनिवेश की शुरुआत 1990 के दशक में हुई.
जब भारत सरकार ने आर्थिक नीति में बदलाव किया था, जिसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचनी शुरू कर दी थी. इस आर्थिक बदलाव को आमतौर पर 'उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण' के नाम से जाना जाता है.
सरकारी कंपनियों में बेची जारी है हिस्सेदारी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में भारत एल्युमिनियम कंपनी (BALCO) और हिंदुस्तान जिंक (दोनों स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को), इंडियन पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रिलायंस इंडस्ट्रीज को) और वीएसएनएल (टाटा समूह को) जैसे प्रमुख सार्वजनिक बैंकों में रणनीतिक विनिवेश किया था.
NDA के दूसरे कार्यकाल के दौरान PM नरेंद्र मोदी की सरकार ने कर्ज में डूबी एयर इंडिया से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली. फिर भी, इसने FY2017-18 में 72,500 करोड़ रुपए के अपने विनिवेश टारगेट को पार लिया, जोकि स्ट्रैटेजिक क्रॉस-विनिवेश की विधि द्वारा हासिल किया गया था, जहां एक PSU दूसरे में हिस्सेदारी खरीदता है, जिससे सरकार को राजस्व बढ़ाने में मदद मिलती है. लेकिन कंपनी का नियंत्रण उसके पास ही रहता है. अन्य मार्ग बीमा कंपनियों की लिस्टिंग, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का विलय, CPSE एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) और कई बायबैक थे.
डिसइनवेस्टमेंट के लिए क्या स्ट्रैटेजी?
एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों की बहुप्रतीक्षित बिक्री के लिए 2018-19 में एक भी बोली नहीं लगी.सरकार ने चालू फाइनेंशियल ईयर में पवन हंस, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के स्ट्रैटेजिक डिसइनवेस्टमेंट के लिए भी अभिरुचि पत्र जारी किया है.
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