Budget 2024: लोकसभा चुनाव में NDA को मिली बहुमत से एक बार फिर सत्ता में मोदी सरकार बन गई है. केंद्र में नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बन गए हैं. चुनाव के बाद अब पूरी फोकस जुलाई में पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर है. क्योंकि इस बार फुल बजट आएगा. इससे पहले फरवरी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया था. जुलाई में पेश होने वाले बजट को लेकर आम लोगों की कई उम्मीदें हैं, जिसमें टैक्स रियायतें भी शामिल हैं. उम्मीद किया जा रहा है कि सैलरीड क्लास को इस बार राहत मिल सकती है.

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सरकार दे सकती है मिडिल क्लास को राहत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार सरकार खपत को बढ़ाने के लिए टैक्स दरों को लेकर कुछ बदलाव कर सकती है. इसके तहत टैक्स दरों में कुछ रियायत दे सकती है. लोकसभा चुनाव के नतीजे में भाजपा के प्रदर्शन के बाद सरकार का फोकस मिडिल क्लास को साधने की होगी. ऐसे में बजट 2024 में नए इनकम टैक्स स्लैब का ऐलान किया जा सकता है. अगर सरकार इंडिविजुअल टैक्स में कटौती करती है, जोकि इकोनॉमी में खपत बढ़ेगा. साथ ही मिडिल क्लास को सेविंग बढ़ाने का भी मौका मिलेगा.

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नए इनकम टैक्स स्लैब पर विचार संभव

सूत्रों के मुताबिक 15 लाख रुपए से ज्यादा इनकम वालों लोगों को सरकार राहत दे सकती है. इसके तहत इनकम ग्रुप वालों के लिए टैक्स छूट या कटौती का प्रावधान हो सकता है. साथ ही 10 लाख रुपए तक की आय वालों का इनकम टैक्स स्लैब कम हो किया सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम में 30% की सबसे ऊंची टैक्स दर को खत्म कर एक नई लिमिट भी तय करने पर विचार किया जा सकता है.

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दरअसल, सरकार का फोकस खपत बढ़ाने पर हो सकता है. क्योंकि FY2023-24 में भारत की GDP ग्रोथ 8.2% रही, लेकिन खपत में जो ग्रोथ दिखी वो आधी दर से ही बढ़ी है. ऐसे में सरकार कंजम्प्शन को बूस्ट करने के लिए इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठा सकती है.

बजट में सरकार करेगी मिडिल क्लास के हित में फैसला

भाजपा के प्रदर्शन ने लोकसभा चुनाव के नतीजों में सबका सरप्राइज किया. नतीजों के बाद कराए गए सर्वे में पता चला कि महंगाई, बेरोजगारी और घटती हुई इनकम को लेकर वोटर्स में टेंशन है. अब आगे कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव भी हैं, तो सरकार बजट में लोकलुभाव फैसले ले सकती है. इसके तहत टैक्स स्कीम में बदलाव कर सकती है. बता दें कि 15 लाख रुपए तक के इनकम ग्रुप पर 5 से 20% टैक्स लगता है. जबकि 15 लाख रुपए से ज्यादा की इनकम पर 30 % टैक्स लगता है.

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इनकम से ज्यादा बढ़ा टैक्स

प्रधानमंत्री मोदी भी संकेत दे चुके हैं कि सरकार मिडिल क्लास की सेविंग को बढ़ाने पर काम कर रही है. बता दें कि हाल के कुछ सालों में व्यक्तिगत करदाताओं की आय में 5 गुना का इजाफा हुआ. इसके तहत इनकम 3 से बढ़कर 15 लाख रुपए हो गई. जबकि समान अंतराल में इनकम टैक्स की दरें भी 6 गुना बढ़ी है. ऐसे में लोगों में भारी टैक्स को लेकर रोष है.