Budget 2024: नेशनल और इनबॉउंड पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, यात्रा और पर्यटन उद्योग ने सरकार से आगामी बजट 2024-2025 में होटलों पर एक समान 12 प्रतिशत जीएसटी दर पर विचार करने का अनुरोध किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को लोकसभा में 2024-25 का बजट पेश करने वाली हैं।

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होटलों को लेकर किया जा सकता है ये बदलाव

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वर्तमान में, होटल के कमरे के किराए के आधार पर जीएसटी दरें अलग-अलग होती हैं, जिससे कीमतों में अंतर पैदा होता है, इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और बोझ भी बढ़ता है।

मेकमाईट्रिप के सह-संस्थापक और समूह सीईओ राजेश मागो के अनुसार, एक समान जीएसटी दर से अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद मिलेगी। इससे होटल के कमरे के किराए पर आधारित जीएसटी के कारण कीमतों में असमानता हो सकती है, क्योंकि होटल मांग और पीक सीजन के आधार पर कमरे के किराए को एडजस्ट करते हैं।

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उदाहरण के लिए, 10,000 रुपये की लागत वाला एक रात का कमरा 18 प्रतिशत जीएसटी दर के अंतर्गत आता है, जबकि 7,000 रुपये की ऑफ-सीजन दर 12 प्रतिशत जीएसटी दर के अंतर्गत आती है। हम वित्त मंत्री से आग्रह करते हैं कि वे केंद्रीय बजट वित्त वर्ष 2025 में होटलों पर 12 प्रतिशत की एक समान जीएसटी दर पर विचार करें। इससे पूरे प्रोसेस को सरल बनाने में मदद मिलेगी।

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उन्होंने ये भी कहा है कि पर्यटन क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल उपायों, जैसे एनर्जी एफिशिएंट व्यवस्था, वाट सविंग उपकरण को बढ़ावा देने वाले कर प्रोत्साहनों की पेशकश करके, वित्त मंत्री उद्योग को इन वैश्विक लक्ष्यों में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

हॉस्पिटैलिटी के लिए वर्तमान जीएसटी दरें विश्व स्तर पर सबसे अधिक

होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) के अध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने यह जानकारी दी है कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी, जो भारत के जीडीपी(Gross Domestic Product) का लगभग 10 प्रतिशत है, को प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में नामित किया जाना चाहिए।

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उन्होंने बताया है कि 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक की परियोजना लागत वाले होटलों और सम्मेलन केंद्रों को बुनियादी ढांचे का दर्जा देना निवेश आकर्षित करने और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए आवश्यक है। उनका मानना है कि मौजूदा जीएसटी दरें वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक हैं, जिससे पर्यटन की लागत बढ़ रही है।