Budget 2023 : जो क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री हैं। उस इंडस्ट्री इस बार बजट से बहुत ही ज्यादा उम्मीद हैं। भारत वेब3 एसोसिएशन (बीडब्लूए) जो हैं उसने इस बार में फाइनेंस मिनिस्ट्री को पत्र लिखा है। बीडब्लूए क्रिप्टोकरेंसी और वेब3 इंड्रस्ट्री बॉडी है। बीडब्लूए क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हुए टैक्स के नियमों और इसके रेगुलेशन को लेकर जो अनिश्चितताए है। उस अनिश्चितता के बारे में वित्तीय मंत्रालय को बताया है। जो बीडब्ल्यूए के प्रतिनिधि है। उन लोगों की मुलाकात आने वाले हफ्ते सीबीडीटी के अधिकारियों से होने की संभावना हैं। जो क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री हैं उसको इस समय देश में बहुत प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। इनमें जो क्रिप्टो एक्सचेंज हैं उसमें ट्रेडिंग वैल्यूम में निरंतर और तेजी के साथ गिरावट, क्रिप्टो टोकन की वैश्विक वैलिडिटी प्रमुख हैं। जो क्रिप्टोकरेंसी के इनवेस्टर्स है। उन इनवेस्टर्स के बीच में पहले से ही सेंटीमेट कमजोर हैं। उन लोगों का जो सेंटीमेंट कमजोर हुआ हैं उसमें सबसे बड़ा हाथ एफटीएक्स मामले का सबसे अधिक है। जो एफटीएक्स प्लेटफार्म था। वो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज था। इस वर्ष सरकार की तरफ से क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले मुनाफे पर टैक्स लगाया था। इसके बाद क्रिप्टो की जो ट्रेंडिंग वैल्यूम थी। उस वैक्यूम में 85 से 90 प्रतिशत कमी आई है।
बीडब्लूए के प्रवक्ता की तरफ से बताया गया। कि, टैक्स प्रावधानों का जो मौजूदा असर है। उस असर के बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री को बीडब्ल्यूए अवगत कराना चाहता है। इसमें वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से आय पर टैक्स और टीडीएस और लॉस को कैरी फॉरवर्ड करने की परमिशन देना शामिल हैं। कुछ संशोधन के बारे में हम इनपुट्स है उसको देना चाहते हैं।
प्रवक्ता के तरफ कहा गया हैं। कि एसोसिएशन वेब3 और ब्लॉकचेन से जुड़े जो इनोवेशन और रिसर्च हैं। उसके बारे में जागरूकता है उसके बारे में अपना ध्यान रखना चाहता है। इसमें क्रिप्टो टोकन और एनएफटी शामिल है। इस वर्ष अप्रैल के महीने से इनसे होने वाली जो आय है उसमें 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है। 1 जुलाई से सरकार की तरफ से स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) किया था। जो 10 हजार रु से अधिक का ट्रांजेक्शन है। उस ट्रांजेक्शन पर 1 प्रतिशत टीडीएस लागू होता है। प्रतिदिन ट्रांजेक्शन का एक जो हिस्सा है। वो इस साइकिल में फस जाता हैं वो ये टीडीएस की राशि है उस राशि को रिटर्न फाइलिंग के समय ही क्लेम किया जा सकता है।
आने वाले वर्ष 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेगी। यह जो बजट हैं। निर्मला सीतारमण का पांचवा बजट होगा। केंद्र की यह जो मोदी सरकार है उस सरकार का यह 10वां पूर्ण बजट होगा। यह जो बजट है इस वक्त आ रहा हैं। जब विश्व की इकोनॉमी को काफी कठिनाइयों का सामना कर रही है। जो भारतीय इकोनॉमी है। वो दुनिया की इकलौती बड़ी अर्थव्यवस्था है। जिसकी सेहत बेहतर है।
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