नयी दिल्ली। आज वित्त वर्ष 2021-22 के लिए यूनियन बजट पेश किया जाएगा। इस बार के बजट से कुछ ज्यादा ही उम्मीदें की जा रही हैं। असल में कोरोना से अर्थव्यवस्था को लगे झटके से उबरने में बजट की भूमिका को अहम माना जा रहा है। हालांकि सरकार पहले ही आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कई बड़ी घोषणाएं कर चुकी है। अब फोकस ग्रोथ को पटरी पर लाना है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण बजट के ऐसा होने की बात कह चुकी हैं, जैसा पहले कभी नहीं पेश किया गया।

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कई सेक्टरों को उम्मीद
सभी की निगाहें अब संसद की लोकसभा में सुबह 11 बजे शुरू होने वाले मंत्री के भाषण पर हैं। अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों, जिन्हें कोविड-19 महामारी के कारण नुकसान हुआ है, को बजट से बहुत उम्मीदें हैं। बजट में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिक प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा था कि केंद्रीय बजट आर्थिक पैकेजों की कड़ी के रूप में देखा जाएगा, जो वित्त मंत्री ने पिछले कुछ महीनों में घोषित किए हैं।

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सरकार बढ़ा सकती है खर्च
बजट से पहले पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में सरकारी खर्च में लगातार बढ़ोतरी के महत्व पर जोर दिया गया। साथ ही भारतीय बैंकों में एसेट क्वालिटी की समीक्षा की भी बात कही गयी। बजट में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पब्लिक स्वास्थ्य खर्च को बढ़ावा देने की संभावना है। रियल एस्टेट सेक्टर, जो महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टरों में से एक है, भी केंद्रीय बजट से नियामक मानदंडों में आसानी की उम्मीद रखे हुए है।

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एमएसएमई और किसान
बजट में किसानों और एमएसएमई के लिए भी कुछ खास और बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। इनमें किसानों की बात करें तो पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली 2000 रु की किस्त की रकम को बढ़ाया जा सकता है।