नयी दिल्ली। जैसा कि भारत धीरे-धीरे कोविड-19 महामारी से लगे झटके से उबर रहा है, वैसे-वैसे ही अर्थव्यवस्था में भी सुधार हो रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें अब केंद्रीय बजट पर हैं, जो 1 फरवरी 2021 को संसद में पेश किया जाना है। बजट से काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं। कई क्षेत्रों को अभी भी महामारी से होने वाले नुकसान से उबरने के लिए सरकार से निरंतर समर्थन की जरूरत है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार सरकार को अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल सेक्टर पर पर्याप्त रूप से खर्च करने की आवश्यकता है। लेकिन यह देखते हुए कि रेवेन्यू स्रोत पहले से ही दबाव में हैं, सरकार के विनिवेश पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। ऐसे में संभावना है कि कुछ सरकारी बैंकों को प्राइवेट करने की संभावना है।
जानकारों का अनुमान है कि सरकार बजट में सरकारी बैंकों के लिए रीकैपिटलाइजेशन और प्राइवेटाइजेशन का ऐलान कर सकती है। माना ये भी जा रहा है कि ये बजट ग्रोथ में तेजी लाने पर फोकस करेगा। कोविड-19 ने भारत की ग्रोथ को बुरी तरह से बाधित कर दिया है और वित्त वर्ष 21-22 में इसे पटरी पर वापस लाना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहली प्राथमिकता होगी।
ग्रोथ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बहुत जरूरी माना जाता है। ऐसे में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए बजट में खास घोषणा हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के लिए डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूश का ऐलान संभव है। हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर अधिक जोर देने के साथ ही बीमा प्रोत्साहन की भी उम्मीद है। हाउसिंग और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की संभावना है, क्योंकि ये आर्थिक विकास को गति देते हैं।
2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को मद्देनजर रखते हुए सरकार बजट 2021-22 में बजट में एग्रीकल्चर क्रेडिट का लक्ष्य लगभग 19 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने 15 लाख करोड़ रुपये का एग्रीकल्चर क्रेडिट लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार हर साल एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए क्रेडिट लक्ष्य बढ़ा रही है और इस बार भी 2021-22 के लिए लक्ष्य को बढ़ाकर लगभग 19 लाख करोड़ रुपये करने की संभावना है। 2017-18 में किसानों को 11.68 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया, जो उस वित्त वर्ष के लिए निर्धारित 10 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से बहुत अधिक रहा। फिर 2016-17 में 10.66 लाख करोड़ रुपये का लोन बांटा गया, जबकि टार्गेट 9 लाख करोड़ रु का था।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग