नयी दिल्ली। बजट 2021 पेश किए जाने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। इस बीच अनुमान लगाए जा रहे हैं कि बजट में क्या-क्या प्रावधान हो सकते हैं। एक नयी रिपोर्ट के मुताबिक बजट में आम जनता को महंगाई का झटका दिया जा सकता है। असल में सरकार आगामी बजट में स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट्स और उपकरणों सहित 50 से ज्यादा चीजों पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है तो स्मार्टफोन सहित इन चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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कितनी बढ़ सकता है आयात शुल्क

केंद्र सरकार आगामी बजट में स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स सहित 50 से ज्यादा चीजों पर आयात शुल्क में 5 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। आयात शुल्क बढ़ाने का कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य घरेलू मैन्यूफैक्चरिंद को बढ़ावा देना और सपोर्ट करना है। बता दें कि इन चीजों पर आयात शुल्क बढ़ाने से सरकार को अतिरिक्त 20-21 हजार करोड़ रु का रेवेन्यू हासिल होगा। सरकार वैसे भी कोरोना संकट से लगे झटके से उबरने के लिए रेवेन्यू बढ़ाने पर ध्यान रही है।

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ई-कारों पर भी बढ़ सकती है इम्पोर्ट ड्यूटी

इम्पोर्ट ड्यूटी फर्नीचर और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रभावित कर सकती है। इससे स्वीडिश फर्नीचर निर्माता आईकिया और अमेरिकी दिग्गज ई-वाहन कंपनी टेस्ला को झटका लग सकता है, जो इस साल भारत में अपनी कारों को लॉन्च करने की योजना बना रही है। हाल ही में टेस्ला ने बैंगलोर में अपनी सब्सिडरी रजिस्टर कराई है और भारत में आधिकारिक तौर पर एंट्री की है। अभी ये कंफर्म नहीं है कि फर्नीचर और ई-वाहनों पर कितनी ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर भी उस लिस्ट में शामिल हो सकते हैं जिन पर आयात शुल्क बढ़ेगा।

1 फरवरी को पेश होगा बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश करेंगी, जो कि 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। वित्त मंत्री ऐसे समय पर बजट पेश करेंगी जब 2020-21 में कोरोना के कारण भारत की जीडीपी में 7.7 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और घरेलू व्यवसायों को सपोर्ट करने के लिए इस तरह के टैक्स आवश्यक हैं। यह रेवेन्यू जुटाने और आत्मनिर्भर भारत योजना का हिस्सा है। पिछले साल, फुटवियर, फर्नीचर, खिलौने, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम जैसे उत्पादों पर इम्पोर्ट ड्यूटी 20 फीसदी तक बढ़ाई गई थी।