नई द‍िल्‍ली: वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा। हर साल आम बजट छपने की प्रक्रिया शुरू होने पर वित्त मंत्रालय हलवा कार्यक्रम आयोजित करता है। वित्त मंत्रालय की तरफ से ये आयोजन 23 जनवरी यानि आज शनिवार को आयोजित किया गया है। नार्थ ब्लॉक में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

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क्या है हलवा सेरेमनी, क्यों मनाई जाती है ये रस्म
'हलवा सेरेमनी' बजट पेश करने से पहले का एक परंपरागत आयोजन है, जो हर साल बजट से पहले संपन्न होता है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि बजट के पेश होने में कुछ ही दिन शेष हैं। हलवा सेरेमनी के दिन वित्त मंत्रालय के कार्यालय में एक बड़ी कढ़ाई में हलवा बनाया जाता है और ऑफिस के सभी कर्मचारियों के बीच वितरित किया जाता है। इस कार्यक्रम की अगुवाई खुद वित्त मंत्री करते हैं। दरअसल भारतीय परंपरा के मुताबिक कुछ भी नया काम शुरू करने से कुछ मीठा खाना चाहिए। इस का अनुसरण करते हुए हलवा सेरेमनी की रस्म मनाई जाती है। इस समारोह के बाद बजट निर्माण की प्रक्रिया में शामिल रहे कर्मचारियों को बजट पेश होने तक 10 दिन तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में रखा जाएगा। बजट तैयार करने वाली टीम हलवा सेरेमनी के बाद किसी के संपर्क में नहीं रहती है, जब तक बजट तैयार नहीं हो जाता है। यहां तक कि परिवार के लोग भी उनसे संपर्क में नहीं रहते हैं।

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नहीं होगी इस बजट कागज पर प्रिंटिंग
बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी को समाप्त होगा। वहीं बजट का दूसरा सत्र 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत की जाएगी। 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। जबकि बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक होगा। वहीं सत्र के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। इस साल महामारी की वजह से बजट की कागज पर प्रिंटिंग नहीं होगी। इसके अलावा आर्थिक समीक्षा (इकोनॉमिक सर्वे) की भी कागजों पर छपाई नहीं होगी। आर्थिक समीक्षा 29 जनवरी को संसद के पटल पर रखी जाएगी। इस साल ये दोनों दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप में सासंदों को दिए जाएंगे।

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बजट से हैं ये उम्मीदें
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर भी चालू वित्तवर्ष के आखिर में पांच फीसदी रहने की उम्मीद की जा रही है। आर्थिक आंकड़े खराब रहने के इस हालात में आम बजट 2020-21 से रोजगार सृजन, उपभोग और मांग में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। वर्तमान में इनवकम टैक्स एक्ट 80 CCE के तहत सेक्शन 80C, 80CCC और 80CCD(1) के तहत एक साल में कुल 1.50 लाख रुपये की आमदनी पर आयकर से छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की उम्मीद लोग वित्त मंत्री से लगाए हुए हैं।

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