नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार अगले सप्ताह पेश किए जाने वाले आम बजट में कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती कर सकती है, जिसमें फर्नीचर के कच्चा माल, तांबा भंगार, कुछ रसायन, दूरसंचार उपकरण और रबड़ उत्पाद शामिल हैं। वहीं उन्होंने बताया कि पॉलिश किए गए हीरे, रबड़ के सामान, चमड़े के कपड़े, दूरसंचार उपकरण और कालीन जैसे 20 से अधिक उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती की जा सकती है।
इसके अलावा फर्नीचर बनाने में इस्तेमाल होने वाली कुछ बिना रंदी लकड़ियों और हार्डबोर्ड आदि पर सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि महंगा कच्चा माल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की कीमत प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करता है। देश से फर्नीचर का निर्यात बहुत कम (लगभग एक प्रतिशत) है, जबकि चीन और वियतनाम जैसे देश इस क्षेत्र के प्रमुख निर्यातक हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार सरकार ने कोलतार और तांबा स्क्रैप पर सीमा शुल्क को कम करने पर भी विचार कर सकती है।
सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं। एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट सहित कई क्षेत्रों के लिए उत्पादन आधारित विनिर्माण योजना (पीएलआई) की शुरू की गयी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वर्ष 2021-22 का बजट पेश करेंगी। सूत्रों ने बताया कि इन सामानों पर शुल्कों को कम करने से आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा मिलेगा और घरेलू विनिर्माण में तेजी आएगी।
आर्थिक सर्वेक्षण 2021 से प्रमुख उम्मीदें क्या हैं
महामारी ने दुनिया भर में कहर बरपाया है और भारत को भी प्रभावित किया है, 2020-21 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण से यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि कोविड-19-प्रेरित मंदी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हुआ है।
सर्वेक्षण को ऐसे समय में शुरू आएगा जब अर्थव्यवस्था सरकार द्वारा लगाए गए पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार 7.7 प्रतिशत तक अनुबंधित होने की संभावना है। सर्वेक्षण में वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों पर विचार करने और समाधानों की पेशकश करने की अपेक्षा की गई है जो देश को 5 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करेंगे। यह उम्मीद है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर महामारी के आर्थिक प्रभाव की बारीकी से जांच करेगी। एक सख्त लॉकडाउन को लागू करने और फिर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उपायों की एक श्रृंखला को लागू करने के बावजूद, रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक अर्थव्यवस्था को नुकसान की मात्रा पर कोई आधिकारिक अनुमान या प्रक्षेपण नहीं है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग