नयी दिल्ली। आज अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सैलेरी पाने वाले कर्मचारियों के फेवर में एक अहम ऐलान किया। जो एम्प्लोयर पेंशन, ग्रेच्युटी में कर्मचारी का योगदान जमा करने में देर करेंगे उन्हें इसके लिए कटौती का लाभ नहीं मिलेगा। इस फैसले का मकसद उन कंपनियों से समय पर कर्मचारियों का पीएफ योगदान जमा कराना है, जो ऐसा नहीं करतीं। वित्त मंत्री ने कहा हमने देखा है कि कुछ एम्प्लोयर पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए कर्मचारियों के वेतन से योगदान काट लेते हैं, लेकिन उसे समय पर जमा नहीं करते।

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कर्मचारी को होने वाली परेशानियां
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन परेशानियों का जिक्र किया जो कर्मचारियों को उठानी पड़ती हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि योगदान समय पर जमा किया जाए वित्त मंत्री ने कहा कि पीएफ आदि के योगदान को देर से जमा पर एम्प्लोयर को कटौती का फायदा नहीं मिलेगा। एम्प्लॉयर की तरफ से होने वाली देरी से कर्मचारियों को ब्याज और कमाई का नुकसान होता है। एम्पलॉयर की देरी से कर्मचारी को परेशानी होती है।

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नौकरीपेशा के लिए कुछ नहीं
बजट में पहली बार ऐसा हुआ है कि नौकरीपेशा वर्ग के लिए कोई भी ऐलान नहीं किया गया। वहीं ये पिछले एक दशक में पहला ऐसा बजट रहा, जिसमें डायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल बजट में एक नये टैक्स सिस्टम का ऐलान किया गया था। इसमें 2.5 लाख रु तक की इनकम को टैक्स फ्री किया गया था, जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये की इनकम पर 5 फीसदी और 5 से 7.5 लाख रु पर 20 फीसदी टैक्स का ऐलान किया गया था।

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75 साल से अधिक आय वालों को राहत
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए गए बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स से जुड़ी बड़ी राहत दी है। 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को कोई आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि ये फायदा केवल उन्हीं वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा, जो केवल पेंशन और ब्याज आय से इनकम हासिल करते हैं। भुगतान करने वाले बैंक अपनी ओर से टैक्स काट लेंगे।

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