नई द‍िल्‍ली: इस साल का आम बजट (केंद्रीय बजट) बेहद खास रहने वाला है। 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश किया जाएगा। रेस्‍टोरेंट व फूड डिलिवरी सेक्‍टर ने बजट 2021 में होम डिलिवरी पर वस्‍तु व सेवा कर की दरें घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की है। फिलहाल फूड आइटम्‍स की डिलिवरी पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाता है।

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फूड डिलिवरी पर जीएसटी को 5% करने की मांग
इस सेक्‍टर के प्रतिनिधियों ने कहा कि 3 अरब डॉलर के इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी दर को तार्किक बनाना बहुत जरूरी है। बता दें कि ग्राहक रेस्‍टोरेंट में जिस फूड आइटम पर 5 फीसदी जीएसटी देते हैं, उसी की होम डिलिवरी कराने पर 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है। अधिकारियों ने कहा कि रेस्‍टोरेंट और हाम डिलिवरी में एक ही फूड आइटम पर 13 फीसदी ज्‍यादा जीएसटी भुगतान करना तार्किक नहीं है।

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बढ़ी है फूड डिलिवरी
फूजा फूड्स के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दिब्येंदू बनर्जी ने कहा कि भारत में ऑनलाइन फूड डिलिवरी सेक्‍टर काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल ये सेकटर 2.94 अरब डॉलर का है। इसमें 22 फीसदी की सालाना दर से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं के चलते वृद्धि की राह में रुकावटें पैदा हो रही हैं। प्लाटर हॉस्पिटैलिटी के निदेशक ने कहा कि महामारी के फैलने की रफ्तार को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के समय और उसके बाद बाद हमारे कारोबार में डिलिवरी की हिस्सेदारी 40 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 60 फीसदी हो गई है। हम दाम नहीं बढ़ा सकते हैं।

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इसलिये ज्‍यादा कमीशन भरना पड़ रहा है। इसका असर हमारे मुनाफे पर पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब हमारी बिक्री कोरोना संकट के पहले के स्तर के करीब पहुंच चुकी है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ महीने में जब आम आदमी तक वैक्‍सीन पहुंच जाएगी तो घर से बाहर निकलकर खाने वाले लोग भी रेस्‍टोरेंट में पहुंचेंगे।