नई द‍िल्‍ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि कोविड-19 संकट के बाद से अबतक सरकार कई मिनी बजट ला चुकी है। कोरोना महामारी की वजह से इस बार का बजट पेपरलेस हो चुका है। वित्त मंत्री एक टैब के जरिए अपना तीसरा बजट पेश की हैं। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने एक बार फिर रक्षा बजट बढ़ाने की घोषणा की। यह लगातार 7वां साल है जब मोदी सरकार ने रक्षा बजट को बढ़ाया है। हालांकि इस वर्ष के बजट में रक्षा क्षेत्र में मामूली बढ़ोतरी की गई है।

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रक्षा बजट के लिए 4.78 लाख करोड़ रुपये की घोषणा
वित्त मंत्री ने डिफेंस यानी रक्षा बजट के लिए 4,78,195.62 लाख करोड़ रुपए जारी किए। इसमें 1,15,850 लाख करोड़ रुपए की पेंशन शामिल हैं। इसमें से अगर पेंशन की राशि हटा दी जाए तो यह करीब 3.62 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले साल के मुकाबले 7.4 प्रतिशत ज्यादा है।

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लगातार 7वीं बार बढ़ा रक्षा बजट
यह लगातार यह 7वां साल है। जब मोदी सरकार ने डिफेंस बजट बढ़ाया है। इससे पहले 2020 में रक्षा बजट 4.71 लाख करोड़ रुपए था। जो इस साल बढ़कर 4.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पेंशन को अलग करने के बाद यह राशि पिछले साल 3.37 लाख करोड़ रुपये थी, जो इस साल बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, 2019 में मोदी सरकार ने रक्षा बजट के लिए 3.18 लाख करोड़ रुपए जारी किए थे। रक्षा बजट डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा कि, लोगों को उम्मीद नहीं थी कि इस प्रकार का बजट पेश होगा क्योंकि इससे पहले भी एक तरह से पांच मिनी बजट पेश हुए हैं। ये बहुत ही शानदार बजट है इस​की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। रक्षा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी हुई है

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भारत रक्षा बजट पर खर्च करने वाले दुनिया के टॉप 5 देशों में
रक्षा मंत्री ने कहा कि, रक्षा पूंजीगत व्यय में यह लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि है। यह पिछले 15 साल में रक्षा के लिए पूंजी परिव्यय में सबसे अधिक वृद्धि है। भारत रक्षा बजट पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर अमेरिका है,जबकि दूसरे स्थान पर चीन है। तीसरे पर भारत , चौथे पर रूस और पांचवे स्थान पर सऊदी अरब है।

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