नयी दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020-21 पेश करने के दौरान कहा है कि भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए योजना लाई जायेगी। भारत को मोबाइल हब बनाया जायेगा। इस योजना की पूरी जानकारी जल्द ही घोषित की जायेगी। सरकार का यह कदम भारत में लोकल मैन्यूफैक्चरिंग के लिए एप्पल और सैमसंग जैसी दिग्गज कंपनियों को आकर्षित करने के लिए है। योजना के तहत देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात पर आने वाला खर्च भारत के विदेशी मुद्रा को सबसे अधिक प्रभावित करता है। यह कदम मोदी सरकार के मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।

Advertisement


बजट 2020 की हाइलाइट्स :
- इन्फ्रा पर 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश
- 2000 किमी सड़क तटीय बनायेंगे
- 27000 किमी सड़क का इलेक्ट्रिफिकेशन
- 2024 तक 100 नये एयरपोर्ट
- 2023 तक मुम्बई-दिल्ली के बीच एक्सप्रेस हाईवे
- 2024 तक हर जिले में औषधि केंद्र
- 550 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई शुरू
- 6500 प्रोजेक्ट को जोड़ा जायेगा
- नेशनल इन्फ्रा पाइपलाइन का भी प्रस्ताव
- 1 लाख गांवों को भारतनेट प्रोजेक्ट से जोड़ेंगे
- भारतनेट के लिए 6000 करोड़ रुपये
- 6 लाख आंगनवाड़ी कार्मचारी मोबाइल ऐप से जुड़ीं

रेलवे के लिए क्या रहा खास

Advertisement

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा है कि तेजस जैसी और ट्रेनें शुरू की जायेंगी। उन्होंने बताया कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड ट्रेन चलाई जायेगी। इसके अलावा रेलवे की खाली जमीन पर सोलर पैनल लगाये जायेंगे। इससे भारतीय रेलवे को अपनी बिजली खरीद लागत घटाने में मदद मिलेगी। बता दें कि एक वर्ष में लगभग 12 अरब यूनिट बिजली की आवश्यकता के चलते भारतीय रेलवे की बिजली की खपत प्रति वर्ष औसतन 5 फीसदी बढ़ रही है। रेलवे की योजना 2020 तक अपनी 10 फीसदी बिजली की जरूरत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने की है। 148 किलोमीटर लंबे बेंगलुरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम का ऐलान किया गया है, जिसकी लागत 18,600 करोड़ रुपये होगी।

Advertisement

यह भी पढ़ें - बजट 2020 : तेजस जैसी और ट्रेनें शुरू की जायेंगी