नयी दिल्ली। 2020-21 के लिए पेश किये गये बजट में विदेशों में रहने वाले भारतीय यानी एनआरआई लोगों के लिए टैक्स से जुड़ा बड़ा ऐलान किया गया है। बजट से एनआरआई लोगों को झटका लगना तय है, क्योंकि बजट में लाये गये नये नियमों के अनुसार वे एनआरआई जो विदेशों में टैक्स नहीं भरते उन्हें भारत में टैक्स देना होगा। कोई भी एनआरआई अगर विदेश में टैक्स अदा नहीं करता तो उसे भारत में टैक्स चुकाना पड़ेगा। साथ ही एक एनआरआई होने से जुड़े नियम में भी बदलाव किया गया है। अब उस व्यक्ति को ही एनआरआई माना जायेगा जो साल में 241 दिन यानी 8 महीने देश से बाहर रहे। पहले साल में 182 दिन भारत से रहने वालों को एनआरआई का दर्ज मिलता था।

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आयकर अधिनियम की धारा 6 में संशोधन
बजट में आयकर अधिनियम की धारा 6 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के तहत भारत का नागरिक होने के कारण किसी भी पिछले वर्ष में उस व्यक्ति को भारत का निवासी माना जाएगा, जिसने किसी दूसरे देश या क्षेत्र में उसके निवास या समान प्रकृति के किसी भी अन्य नियम के कारण टैक्स न दिया हो। नये नियमों पर सरकार की दलील है कि इससे लोगों को देश के टैक्स सिस्टम में मौजूद खामियों का फायदा उठाने से रोकने में मिलेगी। इसीलिए एनआरआई टैग के अनुसार प्रावधानों को बदल दिया है।

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कुछ लोग किसी देश के निवासी नहीं
समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय के हवाले से कहा कि हमने पाया कि कुछ लोग किसी देश के निवासी नहीं थे। हमने प्रस्ताव रखा है कि यदि कोई भारतीय नागरिक, अगर वह भारत का नागरिक नहीं है, तो उसे भारत का नागरिक माना जाता है और उसकी दुनिया भर में होने वाली आय पर कर लगेगा। भारतीयों के लिए, सीतारमण ने आयकर दरों में संशोधन किया है और नये टैक्स स्लैब का प्रस्ताव रखा है।

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