नई दिल्ली, अगस्त 6। संघर्ष कर रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल के कर्मचारियों को दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने बीएसएनएल के कर्मचारियों अपना 'सरकारी' रवैया छोड़ने के लिए कहा। मंत्री के अनुसार जो कर्मचारी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं उन्हें अनिवार्य रूप से रिटायर होने और घर जाने के लिए मजबूर किया जाएगा।
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री ने कहा कि एमटीएनएल का 'कोई भविष्य नहीं' है। उन्होंने कहा कि हम एमटीएनएल में बहुत कुछ नहीं कर सकते। हम सभी जानते हैं कि एमटीएनएल की बाधाएं क्या है और इसके सामने क्या समस्याएं आती हैं। हम उसके लिए एक अलग योजना बनाएंगे और तय करेंगे कि अगले कदम क्या होने चाहिए।
वैष्णव ने कथित तौर पर बीएसएनएल के 62,000 कर्मचारियों को चेतावनी दी थी कि जारी किए गए अल्टीमेटम के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। वरिष्ठ प्रबंधन के साथ एक बैठक में वैष्णव, जिन्होंने हाल ही में बीएसएनएल के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज की पेशकश की है, ने कहा कि आपको वह करना होगा जो आपसे अपेक्षित है। नहीं तो पैकअप कर लो। इस पर आपको कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों को दो टूक कहा कि या तो प्रदर्शन या रिटायर।
सरकार ने हाल ही में बीएसएनएल के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के रिवाइवल को मंजूरी दी है, जिसमें इसके बकाया को इक्विटी में बदलना, वित्तीय सहायता और घाटे में चल रही टेलीकॉम को प्रोफिट में लाने के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है। मंत्री ने कर्मचारियों को अब जमकर प्रतिस्पर्धी होने के लिए कहा है, खासकर जब उन्हें ग्राहकों के लिए रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी प्राइवेट कंपनियों से लड़ना पड़ता है।
मंत्री ने कहा है कि काम नहीं करने वाले लोग वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) लेकर घर जाने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि वे वीआरएस लेने में प्रतिरोध दिखाते हैं, तो हम 56जे (समय से पहले सेवानिवृत्ति का आदेश देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नियम) का उपयोग करेंगे। इसलिए, आपको सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा, या पैक अप करके घर जाने के लिए तैयार रहना होगा। यह बिल्कुल स्पष्ट है। इस बारे में अपने मन में कोई शंका न करें।
मंत्री ने कहा कि अकुशलता से संचालन के अलावा, बीएसएनएल के कर्मचारी टेलीफोन एक्सचेंजों और उनके कार्यालयों में स्वच्छ वातावरण प्रदान करने में भी विफल हैं। झारसुगुडा में बीएसएनएल एक्सचेंज में हुई गंदगी और कूड़े का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि चुल्लू भर पानी में डूबने का मन करे, इतनी गंदी थी। वे बहुत गंदा था, और खराब स्थिति में था। मंत्री के अनुसार बीएसएनएल की टॉप लीडरशिप को खत्म कर दिया जाएगा। मैं बहुत स्पष्ट हूं। टॉप लीडरशिप को घर जाना होगा। वहां काम करने वाले लोग और उनके ऊपर पर्यवेक्षक भी जिम्मेदार हैं।
नयी कंपनियां आ सकती हैं सेगमेंट में
उन्होंने कहा कि डुओपॉली (मार्केट में केवल दो कंपनियों का राज) नहीं होगा। सितंबर रिफॉर्म्स के परिणामस्वरूप इंडस्ट्री में अच्छी स्थिरता आई है। उन्होंने इस खंड में प्रवेश करने के लिए नए खिलाड़ियों पर उम्मीद जताई है। उनके अनुसार इस क्षेत्र में अच्छा हेल्दी कॉम्पिटीशन होने जा रहा है।
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