IT department returned Rs 1128 crore to Vodafone Idea: गुरुवार को की गई सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट ने आयकर विभाग को 2016-17 में टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा भुगतान किए गए 1,128 करोड़ रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के अनुसार डिपार्टमेंट के द्वारा अगस्त 2023 में किया गया आदेश तय समय के मुकाबले बहुत देर से आया है, इसलिए आदेश लाग नहीं किया जा सकता है।

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आदित्य बिरला समूह द्वारा समर्थित कंपनी वोडाफोन आइडिया ने वर्ष 2016-2017 की शुरुआत में इस रकम का भुगतान किया था। अदालत ने अपने आदेश में कानूनी समयसीमा का पालन करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा कर्तव्य की किसी भी उपेक्षा का देश की समृद्धि और आर्थिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

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यह कानूनी लडाई तब शुरू हुई, जब 31 अगस्त 2023 को इनकम टैक्स ऑफसर ने वोडाफोन आइडिया के खिलाफ असेसमेंट ऑर्डर पास किया है। ये आदेश डिस्प्यूट रिजल्यूशन पैनल के निर्देश जारी करने के 2 साल बाद आया। वोडाफोन आइडिया का कहना था कि यह आदेश 30 दिन की तय समय सीमा के अंदर आ जाना चाहिए था।

कोर्ट ने इस सुस्ती के लिए एसेसिंग ऑफसर को कड़ी फटकार लगाई है। यह निर्णय न केवल वोडाफोन आइडिया के लिए एक राहत है, बल्कि सरकारी अधिकारियं द्वारा अपने को समय पर और सही ढंग से करने के लिए एक मिसाल भी स्थापित करता है।

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वित्तीय क्षेत्र में, क्वार्टर अर्निंग कॉल के दौरान वोडाफओन आइडिया प्रबंधन ने स्टेकहोल्डर्स को यह भरोसा दिलाया की 2,000 करोड़ की वादा की गई प्रमोटर फंडिंग कमिटमेंट को दिसंबर महीने के आखिरी तक पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी के प्रबंधन के अनुसार, बाहरी इक्विटी निवेश सुरक्षित होने के बाद ऋण वित्पोषण के लिए बैंकों के साथ चर्चा की जाएगी।

इस बीच, हाल ही में इंडिया मोबाइल कांग्रेस में, वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने अगली कुछ तिमाहियों में खासकर खासकर 5G रोलआउट में "महत्वपूर्ण निवेश" के लिए कंपनी की योजनाओं की घोषणा की। हालाँकि, रोलआउट के लिए किसी विशिष्ट समय रेखा का खुलासा नहीं किया गया था।

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