BlueStone Jewellery IPO: आज ब्लूस्टोन ज्वेलरी लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खुल गया है। यह 13 अगस्त 2025 तक ओपन रहेगा। कंपनी का टारगेट 1540.65 करोड़ रुपए इक्कठा करने का है। हालांकि, इन्वेस्टरों की तरफ से इस आईपीओ के लिए अच्छी प्रतिक्रया देखने को नही मिल रही है, जिस वजह से इसके सब्‍सक्रिप्‍शन की स्पीड काफी धीमी दिख रही है।

Advertisement

अभी तक इतना हुआ सब्‍सक्राइब

चित्‍तौड़गढ़ वेबसाइट के अनुसार ब्लूस्टोन ज्वेलरी आईपीओ पहले दिन यानी 11 अगस्त, 2025 को दोपहर 1:01 बजे तक सिर्फ 0.05 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल कैटेगरी में यह 0.23 गुना, QIB कैटेगरी में 0.00 गुना और NII कैटेगरी में 0.02 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Advertisement

ग्रे मार्केट में भी कम जोश

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के मोर्चे पर भी ब्लूस्टोन IPO फिलहाल ज्यादा चमक नहीं बिखेर पा रहा है। मार्केट ऑब्जर्वर्स के मुताबिक 11 अगस्त सुबह लगभग 11:58 बजे तक इसका GMP 9 रुपए रहा। इसका मतलब है कि शेयर 517 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले 526 रुपए के आसपास लिस्ट हो सकता है। यह केवल 1.74% की मामूली बढ़त को दर्शाता है, जो यह संकेत देता है कि फिलहाल सेकेंडरी मार्केट में भी जोश सीमित है।

Advertisement

IPO की अहम जानकारी

प्राइस बैंड: ₹492 - ₹517 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज: ₹1,540.65 करोड़

नए शेयर (Fresh Issue): ₹820 करोड़

ऑफर फॉर सेल (OFS): ₹720.65 करोड़

लॉट साइज: 29 शेयर (न्यूनतम निवेश ₹14,993)

रजिस्ट्रार: फिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड

लीड मैनेजर्स: एक्सिस कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज, कोटक महिंद्रा कैपिटल

लिस्टिंग डेट: 19 अगस्त 2025 (BSE और NSE पर)

कंपनी की डिटेल

ब्लूस्टोन ज्वेलरी भारत की दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल-फर्स्ट ओमनी-चैनल ज्वेलरी ब्रांड मानी जाती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में डायमंड, गोल्ड, प्लैटिनम और स्टडेड ज्वैलरी के 8,000 से ज्यादा डिजाइन शामिल हैं। 31 मार्च 2025 तक कंपनी की मौजूदगी 117 शहरों में है, जहां 275 स्टोर ऑपरेट किए जा रहे हैं। इनमें से 200 कंपनी के ओनरशिप वाले हैं, जबकि 75 फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलते हैं।

Advertisement

निवेशकों के लिए संकेत

ब्लूस्टोन का यह IPO ज्वेलरी सेक्टर में डिजिटल-फर्स्ट और ओमनी-चैनल मॉडल पर काम करने वाली कंपनियों में निवेश का मौका देता है। हालांकि, शुरुआती सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट के ठंडे माहौल को देखते हुए निवेशकों को आगे के ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, आने वाले दो दिनों में QIB और HNI कैटेगरी की भागीदारी यह तय कर सकती है कि इश्यू कितना ओवरसब्सक्राइब होगा और लिस्टिंग पर कितना मुनाफा संभव है।