भारतीय मूल के अरबपति परिवार को नौकरों का शोषण करना भारी पड़ गया है. हिंदुजा फैमली के 4 सदस्यों को 4 साल की जेल की सजा हुई है. मामले पर सुवाई करते हुए स्विस आपराधिक अदालत ने सजा सुनाई. हिंदुजा परिवार के सदस्यों पर कथित तौर पर आरोप है कि इन लोगों ने घरेलू नौकरों का शोषण किया. 4 सदस्यों को स्विटजरलैंड के जिनेवा में अपने आलीशान विला में कम सैलरी वाले नौकरों का अवैध शोषण करने के आरोप में शुक्रवार को दोषी ठहराया गया है. इसके अलावा मानव तस्करी के भी कुछ गंभीर आरोप लगे हैं. बता दें कि हिंदुजा फैमिली की कुल नेटवर्थ 20 अरब डॉलर यानी करीब 1.67 लाख करोड़ रुपए है.
हिंदुजा परिवार पर लगे गंभीर आरोप
हिंदुजा परिवार पर कई आरोप लगे हैं. इसके तहत उन्होंने भारत से लाए गए नौकरों के पासपोर्ट जब्त करने, उन्हें विला से बाहर न जाने की इजाजत शामिल हैं. साथ ही नौकरों को स्विट्जरलैंड में न्यूनतम वेतन पर लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया गया. इनमें से कुछ सर्वेंट जो केवल हिंदी बोलते थे उन्हें रुपए में पेमेंट किया गया, जोकि स्विस करेंसी में काफी कम थे.
हालांकि, अरबपति परिवार की लीगल टीम ने इन आरोपों से इनकार किया. तर्क दिया कि घर में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया गया. इसके अलावा उन्हें उचित आवास भी दिया गया. स्विस अदालत ने 79 साल के कारोबारी प्रकाश हिंदुजा, उनकी पत्नी कमल, बेटे अजय और बहू नम्रता को राहत देते हुए उन पर लगाए गए मानव तस्करी के आरोपों को भी खारिज कर दिया.
किसे मिली है सजा?
हिंदुजा फैमिली के चार और अन्य को सजा मिली है. इसमें प्रकाश हिंदुजा, उनकी पत्नी कमल हिंदुजा, अजय हिंदुजा और उनकी पत्नी नम्रता हिंदुजा शामिल हैं. पांचवें आरोपी हिंदुजा परिवार के बिजनेस मैनेजर नजीब जियाजी हैं.
हिंदुजा फैमिली के कुछ संपत्ति भी हुई जब्त
स्विस कोर्ट ने पिछले हफ्ते हिंदुजा फैमिली के कुछ एसेट्स भी जब्त किए हैं. इसके तहत स्विस अधिकारियों ने संभावित कानूनी फीस और जुर्माने की भरपाई के लिए डायमंड्स, माणिक, एक प्लैटिनम हार और अन्य गहने समेत संपत्ति हिंदुजा फैमिली से जब्त किया है.
हिंदुजा फैमिली की ओर से जारी हुआ बयान
स्विस कोर्ट में सजा मिलने के बाद हिंदुजा परिवार ने भी बयान जारी किया है. भारतीय मूल के परिवार ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वो खुद नौकरों की भर्ती नहीं किया करते थे. नौकरी की भर्ती एक भारतीय कंपनी ने किया. इसीलिए मानव तस्करी और शोषण के आरोप गलत हैं.
परिवार ने कहा है कि सरकारी वकीलों ने कोर्ट में जो आरोप लगाए हैं, या जो बात रखी है, वो आधी-अधूरी है. क्योंकि जो भी कर्मचारियों को भोजन, स्टाफ क्वार्टर भी दिए गए थे. इसके अलावा परिवार कई स्टाफ जो काम छोड़कर भारत लौट आए थे, वो बाद में काम पर वापस लौट आए थे. अगर उनके साथ कुछ गलत हुआ होता, तो फिर वो काम पर वापस कैसे लौटते?
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