नयी दिल्ली। देश भर में लॉकडाउन के कारण गरीबों को राशन सहित बहुत सारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्य सरकारें और केंद्र सरकार ने कई राहत पैकेज और उपाय घोषित किये हैं। इसी बीच बिहार सरकार ने भी गरीबों की मदद के लिए खास आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। बिहार सरकार लोगों को 1000 रुपये की आर्थिक मदद दे रही है। गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि लॉकडाउन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशन कार्डधारकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर या डीबीटी के माध्यम से 1000 रुपये की मदद दी जाएगी। यह पैसे प्रति परिवार को दिए जाएंगे, जो सीधे उनके खाते में आएंगे। कुमार ने गुरुवार को डीबीटी सिस्टम के माध्यम से वित्तीय सहायता का विस्तार करने के लिए एक अभियान चलाया था।

आधार कार्ड होना चाहिए लिंक

हालांकि यह रकम बिहार के लोगों को अपना राशन आधार से लिंक करवाने पर ही मिलेंगे। अगर आप अपना राशन कार्ड आधार से लिंक (आधार सीडिंग) करवाएं तो आपको सरकार की तरफ से 1000 रुपये की राशि मिल जाएगी। अधिकारियों के अनुसार योजना के उद्घाटन के दिन लगभग 18.40 लाख लोगों के बैंक खातों में 184.08 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। नीतीश कुमार ने कहा है कि शेष सभी लाभार्थियों को जल्द से जल्द लाभ प्रदान करने के लिए पैसों (प्रत्येक राशन कार्ड-धारण करने वाले परिवार को 1,000 रुपये) का भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए।

ऐसे करें आधार लिंक

राशन से आधार लिंक करने के कई तरीके हैं। ऑनलाइन बैंकिंग इनमें आसान है। बता दें कि इंटरनेट बैंकिग लॉगइन करें, फिर अपडेट आधार कार्ड डीटेल्स या आधार कार्ड सीडिंग ऑप्शन पर जाएं। यहां से एक नया पेज खुलेगा। यहां आप अपना आधार कार्ड नंबर अपडेट कर सबमिट करें। फिर अपना मोबाइल नंबर कन्फर्म करें। इसके बाद आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आधार अपडेट का मैसेज भेज दिया जाएगा। साथ ही आप अपनी बैंक ब्रांच में जाकर भी यह काम करवा सकते हैं। ब्रांच में आधार लिंक करने के लिए आपको आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर और बैंक की पासबुक चाहिए होगी।

पीएम का मंत्रियों को निर्देश

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से कोरोनावायरस के आर्थिक प्रभाव से लड़ने के लिए युद्धस्तर पर योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने मंत्रियों को मंडियों से जोड़ने के लिए ऐप-आधारित कैब सेवाओं की तर्ज पर 'ट्रक एग्रीगेटर्स' जैसे अभिनव समाधानों का उपयोग करने के लिए कहा। उन्होंने खाद्य चीजों की सप्लाई और मांग पर नजर रखने, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के प्रभावी कार्यान्वयन, राज्य और जिला अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने, ग्रामीण क्षेत्रों और ग्रास रूट संस्थानों में आरोग्य सेतु ऐप को लोकप्रिय बनाने को भी कहा।

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