Insurance : इंश्योरेंस कंपनियों के द्वारा इस कदम पर पुनर्विचार की मांग के बीच बुधवार को दो सरकारी अधिकारियों ने कहा कि सरकार के हाई वैल्यू वाली लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर टैक्स लगाने वाले अपने बजट प्रस्ताव में बदलाव करने की संभावना नहीं है। 1 फरवरी 2023 को भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 का बजट को पेश किया और कहा कि अगर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों का जो कुल प्रीमियम है। यह 5 लाख रु से ज्यादा हो जाता है, तो फिर वह मैच्योरिटी पर कुल रिटर्न पर टैक्स की छूट को समाप्त कर देगी।

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यह कदम 1 अप्रैल से जारी होने वाली नीतियों के लिए लागू होगा

सरकार का यह कदम, 1 अप्रैल से जारी होने वाली नीतियों के लिए लागू होगा। बीमा कंपनियों के उच्च अधिकारियों ने फाइनेंस मिनिस्टर और फाइनेंस मिनिस्ट्री के अधिकारियों से मुलाकात की। बीमा कंपनियों के उच्च अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दायर की।

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सरकार 5 लाख रु की सीमा को संशोधित करने के लिए इच्छुक नहीं है

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा, भारत सरकार 5 लाख रु की सीमा को संशोधित करने के लिए इच्छुक नहीं है। क्योंकि यह जो है। केवल निविल मूल्य वाले व्यक्तियों को प्रभावित करती है न की यह आम आदमी को प्रभावित करती है। हालांकि, सरकार इन इन्वेस्टमेंट को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित करने की अनुमति देने के बारे में विचार करेगी। जिसको इंडेक्स के रूप में भी जाना जाता है।

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प्रधान मंत्री कार्यालय इन इंडेक्सेशन लाभों की परमिशन देता है

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अन्य सरकारी अधिकारी की तरफ से लगा गया है। कि फाइनेंशियल सेवा विभाग ने सुझाव दिया है कि प्रधान मंत्री कार्यालय इन इंडेक्सेशन लाभों की परमिशन देता है, पीएमओ को जोड़ने से आखिरी फैसला लिया जाएगा। इंडेक्सेशन यानी क्रय मूल्य को लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (सीआईआई) की दर से समायोजित करना है। जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा वक्त वक्त पर प्रकाशित किया जाता है। कुलदीप कुमार जो एक स्वतंत्र कर सलाहकार है इन्होनें कहा कि अगर परमिशन दी जाती हैं तो इंडेक्सेशन पॉलिसी धारक की टैक्स की देन दारी है इसको कम कर देगा।

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