नई दिल्ली, सितंबर 12। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रह राज्य गुजरात को वेदांता लिमिटेड ने अपनी सेमीकंडक्टर परियोजना के लिए चुना है। इस परियोजना की मेजबानी की दौड़ में कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना भी थे। पिछले हफ्ते आखरी बातचीत में गुजरात ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया।
सीएनबीसी में छपी रायटर की खबर के अनुसार, 20 बिलियन डॉलर के संयुक्त उद्यम में पहला कदम उठाते हुए ताइवान की फॉक्सकॉन के साथ, वेदांता लिमिटेड ने प्रधानमंत्री मोदी के ग्रह राज्य गुजरात को अपनी सेमीकंडक्टर परियोजना के लिए चुना है, इस परियोजना में अहमदाबाद के पास सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले सुविधाएं शामिल होगी। मुंबई के हेडक्वार्टर वाले ऑयल एंड मेटल समूह ने अर्धचालक संयंत्रों के निर्माणों के लिए पूंजीगत व्यय और सस्ती बिजली सहित वित्तीय और गैर-वित्तीय सब्सिडी प्राप्त की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना भी वेदांता की मेगा परियोजना की मेजबानी करने की दौड़ में थे। मगर बात चीत के आखिरी चरण में हाल ही के हफ्तों में गुजरात ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया। इसी हफ्ते दोनों पक्षों के बीच समझौता ज्ञापन पर इसी हफ्ते औपचारिक हस्ताक्षर के साथ ऐलान की उम्मीद है। जिसमें वेदांता के अधिकारियों और मुख्य मंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के इसमें भाग लेने की संभावना हैं। प्रोत्साहन की पैरवी करते हुए, विशेष रुप से 99 वर्ष के पट्टे पर वेदांता ने 1 हजार एकड़ भूमि मुक्त और रियायती और निश्चित कीमतों पर बिजली और पानी की मांग की थीं।
वर्ष 2026 तक देश में सेमीकंडक्टर का मार्केट 63 बिलियन डॉलर तक का पहुंचने का अनुमान है। ताइवान जैसे कुछ देशों तक बस दुनिया का चिप उत्पादन सीमित है और इसमें भारत ने देरी से प्रवेश किया है। भारत अब सक्रिय रूप से कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक निर्माण में एक नए युग का प्रारंभ करने के लिए प्रेरित कर रहा हैं।
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