नई दिल्ली, जुलाई 6। भारतीय म्यूचुअल फंड सेक्टर की एक नियामक संस्था है, जिसे एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) कहा जाता है। एम्फी हर छह महीने में घरेलू शेयर मार्केट में लिस्टेड शेयरों की समीक्षा करके उनकी कैटेगरी पर गौर करती है। यानी हर 6 महीनों में इन शेयरों की कैटेगरी बदल भी सकती है। समीक्षा के बाद शेयरों को नये सिरे से लार्ज, मिड या स्मॉल कैप कैटेगरी के लिए चुना जाता है। अब जो एम्फी ने नयी कैटेगरी बनाई है, उसके अनुसार दो कंपनियों को लार्ज कैप कैटेगरी में जगह दी गयी है। इनमें एलआईसी और अडानी विल्मर शामिल हैं। लार्ज कैप में शामिल किए जाने के बाद इन शेयरों पर सकारात्मक असर पड़ा है।
एलआईसी को लार्ज कैप शेयरों में जगह मिली है। इसका शेयर आज हरे निशान में 0.25 पैसे की मामूली बढ़ोतरी के साथ 702.90 रु पर बंद हुआ। बाकी जो शेयर लार्ज कैप में शामिल किए गए हैं, उनमें अडानी पावर, अडानी विल्मर, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा, हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड और बंधन बैंक शामिल हैं।
आईपीओ के बाद काफी समय तक कमजोरी दिखाने के बाद अब एलआईसी का शेयर कुछ पॉजिटिव रिटर्न दिखा रहा है। पिछले करीब एक हफ्ते में एलआईसी के शेयर में 8 फीसदी की मजबूती आई है। इस समय एलआईसी की मार्केट कैपिटल 4.45 लाख करोड़ रु है। इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 918.95 रु और निचला स्तर 650 रु रहा है।
एलआईसी ने 1.50 रुपये प्रति शेयर के इक्विटी डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड तिथि तय की है। एलआईसी ने मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए हर इक्विटी शेयर पर 15 फीसदी लाभांश का ऐलान किया है, जो फेस वैल्यू के हिसाब से 1.5 रुपये प्रति शेयर होता है। यदि 702 रुपये के मौजूदा शेयर मूल्य पर विचार किया जाए, तो इसकी डिविडेंड यील्ड 0.21 फीसदी है। अपनी बीएसई फाइलिंग में निदेशक मंडल ने कहा कि कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए प्रत्येक के फेस वैल्यू के साथ 1.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश की सिफारिश की है, जिस पर अभी शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। शेयरधारकों से मंजूरी सालाना आम बैठक (एजीएम) में ली जाएगी। एलआईसी एक भारतीय वैधानिक बीमा और निवेश कंपनी है जिसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है। यह भारत सरकार के स्वामित्व में है। एलआईसी भारतीय राज्य के स्वामित्व वाली बीमा समूह और निवेश कंपनी है। यह 1956 में 1 सितंबर को अस्तित्व में आई थी।
आईडीबीआई बैंक, एचडीएफसी एएमसी, गोदरेज प्रॉपर्टीज, सेल, जायडस लाइफसाइंसेज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, पीबी फिनटेक (पॉलिसीबाजार), वेदांत फैशंस, डेल्हीवरी, मदरसन सुमी, टाटा टेली महाराष्ट्र, केपीआर मिल, टानला प्लेटफॉर्म्स, पूनावाला फिनकॉर्प, एसकेएफ इंडिया और चंबल फर्टिलाइजर्स शामिल हैं।
नुवोको विस्तास, आदित्य बिरला एएमसी, यूको बैंक, नैटको फार्मा, जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स, इंडियामार्ट इंटरमेश, हैप्पिएस्ट माइंड्स, अजंता फार्मा, सनोफी इंडिया, एजीएस ट्रांजैक्ट टेक, उमा एक्सपोर्ट्स, वेरांदा लर्निंग, हरिओम पाइप्स, कैंपस एक्टिववियर, रेनबो चिल्ड्रेन्स मेडिकेयर, प्रूडेंट कॉरपोरेट एडवायजरी सर्विसेज, वीनस पाइप्स, पारादीप फॉस्फेट्स और एथोस शामिल हैं।
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