नई द‍िल्‍ली, मार्च 19। जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के लक्ष्य के मद्देनजर शनिवार को नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और यूक्रेन पर एक यूनिफाइड अप्रोच को प्रोत्साहित करेंगे। किशिदा ने अपनी यात्रा से पहले कहा यूक्रेन पर रूसी आक्रमण इस यात्रा के साथ मेल खाता है, इसलिए मैं अंतरराष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर देना चाहता हूं और पुष्टि करता हूं कि जापान और भारत विभिन्न मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे। बता दें कि भारत और जापान क्वाड सिक्योरिटी डॉयलॉग (क्वाड) के देश हैं, जो कि एक सुरक्षा सिक्योरिटी फ्रेमवर्क है, जिसमें अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं।

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जापान का भारत में निवेश
किशिदा का लक्ष्य दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश और एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत के साथ सुरक्षा और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना भी होगा। जापान के निक्केई अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद है कि वह इस यात्रा के दौरान पांच वर्षों में भारत में 5 ट्रिलियन येन (42 अरब डॉलर) के निवेश की योजना की घोषणा करेंगे। 2014 में पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भारत की यात्रा के दौरान पांच वर्षों में निवेश और फाइनेंसिंग में 3.5 ट्रिलियन येन की घोषणा की थी।

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हाई स्पीड रेलवे का समर्थन
जापान भारत के शहरी इंफ्रा डेवलपमेंट और अपनी बुलेट ट्रेन टेक्नोलॉजी के आधार पर एक हाई स्पीड रेलवे का समर्थन करता रहा है। जापान और भारत ने 2020 में एक अधिग्रहण और क्रॉस-सर्विसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए जो रक्षा बलों के बीच भोजन, ईंधन और अन्य आपूर्ति के पारस्परिक स्टॉक की अनुमति देता है।

जापान के रूसियों और संगठनों पर प्रतिबंध
24 फरवरी को शुरू हुए यूक्रेन के आक्रमण के बाद से जापान ने दर्जनों रूसी व्यक्तियों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाए हैं और यूक्रेनी शरणार्थियों को पनाह दी है। हालाँकि, भारत क्वाड सदस्यों में से एकमात्र देश है जिसने आक्रमण की निंदा नहीं की है।