नयी दिल्ली। बहुत जल्द टाटा संस एयर एशिया इंडिया की 83.67 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीद लेगी। एयर एशिया इंडिया टाटा संस और एयर एशिया बर्हाड का जॉइंट वेंचर है। एयर एशिया बर्हाड मलेशिया की एयरलाइन है। इस समय टाटा संस की एयर एशिया इंडिया में 51 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसे ये 83.67 फीसदी तक बढ़ाएगी। एयर एशिया इंडिया की 49 फीसदी हिस्सेदारी एयर एशिया बर्हाड के पास है।

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क्या है टाटा संस का मकसद
इस नयी डील के पीछे 2 बड़े कारण है। पहला मलेशियन एयरलाइंस अपने भारतीय कारोबार से बाहर निकलना चाहती है। दूसरे टाटा संस एयर इंडिया के लिए बोली लगाने के लिए कंपनी तैयार रखना चाहती है। विस्तारा में टाटा संस के अन्य जॉइंट वेंचर पार्टनर सिंगापुर एयरलाइंस को निवेश के लिए राजी किया जाना है। टाटा संस एयर एशिया इंडिया में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदने के लिए कई महीनों से बातचीत कर रही है।

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एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी
14 दिसंबर को टाटा संस ने एयर इंडिया को खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। इसने सिंगापुर एयरलाइंस को भी निवेश के लिए राजी करने का प्रयास किया। मगर वे अभी तक तैयारी नहीं हुई है। इसका मतलब ये है कि टाटा संस को अपनी अलग एयरलाइन इकाई (एयर एशिया इंडिया) के जरिए ही एयर इंडिया के लिए बोली दाखिल करने की पड़ेगी। एयर इंडिया की बोली में एयर इंडिया एक्सप्रेस और इसकी स्थानीय लो-फेयर इकाई शामिल है।

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एयर एशिया इंडिया का प्लान
पिछले महीने एयर एशिया इंडिया ने भारत से बाहर निकलने का साफ संकेत दिया था। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत में ग्रुप को काफी नुकसान हो रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि एयर एशिया एयर एशिया इंडिया में केवल 13 फीसदी हिस्सेदारी रखेगी। खबर में बताया गया था कि टाटा संस एयर एशिया इंडिया में हिस्सदारी 87 फीसदी तक बढ़ाएगी। महामारी के बीच अत्यधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का हवाला देते हुए एयरएशिया ने जापान में अपने कारोबार को भी बंद कर दिया है।

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