नई दिल्ली, मार्च 20। डीजल की कीमतों में एक साथ 25 रु प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गयी है। मगर आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये बढ़ोतरी थोक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाले डीजल की कीमतों पर की गयी है। अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि के मद्देनजर डीजल की कीमतों में लगभग 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल पंप पर डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पेट्रोल पंपों की बिक्री में इस महीने करीब 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। दरअसल बस फ्लीट ऑपरेटरों और मॉल जैसे थोक उपयोगकर्ता तेल कंपनियों से सीधे ऑर्डर देने की सामान्य प्रोसेस के बजाय ईंधन खरीदने के लिए पेट्रोल बंक से खरीद रहे, जिससे खुदरा विक्रेताओं का घाटा बढ़ गया।

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इन रिटेलरों को तगड़ा झटका

सबसे ज्यादा नुकसान नायरा एनर्जी, जियो-बीपी और शेल जैसे निजी खुदरा विक्रेताओं को हुआ है, जिन्होंने अब तक बिक्री में उछाल के बावजूद किसी भी मात्रा में कटौती करने से इनकार कर दिया है। लेकिन अब पंपों को बंद करना एक अधिक व्यवहार्य समाधान है, जो कि रिकॉर्ड 136 दिनों के लिए स्थिर दरों पर अधिक ईंधन बेचना जारी रखता है।

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रिलायंस ने किए थे बंद

2008 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने देश में अपने सभी 1,432 पेट्रोल पंपों को बंद कर दिया था क्योंकि बिक्री लगभग शून्य हो गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी पब्लिक सेक्टर की प्रतिस्पर्धा द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी वाली कीमत से मुकाबला नहीं कर सकती थी। इसी तरह का मामला फिर से सामने आ सकता है क्योंकि थोक उपयोगकर्ताओं का पेट्रोल पंपों की ओर रुख करने से खुदरा विक्रेताओं का घाटा बढ़ जाता है।

कितनी पहुंच गयी कीमत

मुंबई में थोक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाले डीजल की कीमत बढ़ कर 122.05 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल पंपों पर बेचे जाने वाले समान ईंधन की कीमत 94.14 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत 86.67 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन थोक या औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए इसकी कीमत लगभग 115 रुपये है।

4 नवंबर से नहीं बढ़े रेट

पीएसयू तेल कंपनियों ने वैश्विक तेल और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद 4 नवंबर, 2021 से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं की है। इस कदम को महत्वपूर्ण राज्य विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहायता के रूप में देखा जा रहा था। 10 मार्च को मतगणना के बाद कीमतों को लागत के हिसाब से बढ़ाए जाने की संभावना थी, लेकिन कीमतों में वृद्धि नहीं हुई।

नायरा एनर्जी, जियो-बीपी और शेल के लिए मुसीबत

नायरा एनर्जी, जियो-बीपी और शेल जैसे निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को पेट्रोल और डीजल की कीमतें न बढ़ाने के लिए मजबूर हो गयीं, क्योंकि अगर उनके पेट्रोल पंपों पर दरें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) की तुलना में अधिक होतीं, तो उन्हें ग्राहकों का नुकसान होता। लेकिन अब पीएसयू खुदरा विक्रेताओं ने राज्य बस बेड़े जैसे थोक उपयोगकर्ताओं के लिए दरों में बढ़ोतरी की है। पेट्रोल का शायद ही कोई थोक या औद्योगिक उपयोगकर्ता हो, पर उद्योगों में डीजल का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।