Bharti Airtel: दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारती एयरटेल पर बड़ी कार्रवाई की है। भारतीय एयरटेल पर दूरसंचार विभाग ने 6.48 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना असम सर्किल में कस्टमर वेरिफिकेशन से जुड़े नियम तोड़ने पर लगाया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, असम सर्किल में नियम उल्लंघन के मामले में एयरटेल को जुर्माने का नोटिस भेजा गया है।

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भारतीय एयरटेल पर लगा जुर्माना

भारती एयरटेल ने गुरुवार को शेयर बाजार को इस जुर्माने की जानकारी दी। कंपनी ने कहा है कि वह इस मामले में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाएगी और नोटिस वापस लेने की कोशिश करेगी। एयरटेल को 25 जून को दूरसंचार विभाग, असम एलएसए से कस्टमर वेरिफिकेशन नियमों के उल्लंघन को लेकर 6.48 लाख रुपये जुर्माने का नोटिस मिला है।

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कस्टमर वेरिफिकेशन से जुड़ा मामला

एयरटेल ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने मार्च 2025 को खत्म हुई तिमाही के दौरान उपभोक्ता आवेदन पत्र (CAF) का सैंपल ऑडिट किया था। इस दौरान कंपनी पर कस्टमर वेरिफिकेशन से जुड़े नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। भारती एयरटेल ने कहा कि इस मामले में कंपनी पर अधिकतम जुर्माना ही लगाया जा सकता है। साथ ही कंपनी ने यह भी साफ किया कि वह इस नोटिस से सहमत नहीं है और इसे सुधारने या रद्द कराने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।

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DoT ने इससे पहले भी एयरटेल पर जुर्माना लगाया था। मई में टेलीकॉम विभाग ने भारती एयरटेल को ग्राहक वेरिफिकेशन नियमों के उल्लंघन के लिए 10 लाख रुपये तक के संभावित जुर्माने का नोटिस भेजा था। इस बारे में एयरटेल ने 3 मई को एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए जानकारी दी थी। विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने कस्टमर वेरिफिकेशन से जुड़ी कुछ जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।

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इस नोटिस में तीन ऐसे मामलों का जिक्र किया गया था, जहां ग्राहक फॉर्म (CAF) के नियम पूरे नहीं किए गए थे।
हालांकि, एयरटेल ने इस मामले में अधिकतम वित्तीय जोखिम 10 लाख रुपये बताया है। साथ ही कंपनी ने यह भी साफ किया कि उसने अभी तक किसी तरह की कानूनी कार्रवाई को चुनौती देने का विकल्प नहीं अपनाया है। कंपनी ने कहा कि वह नियमानुसार इस नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया देगी।