देश में ड्राइवरों को निजी ऐप कंपनियों की निर्भरता से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार से 'भारत टैक्सी' ऐप का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो गया। इस ऐप में कार, ऑटो और बाइक तीनों तरह की राइड बुक की जा सकेगी। शुरुआत में ही इस प्लेटफॉर्म पर 51 हजार से ज्यादा ड्राइवर रजिस्टर हो चुके हैं, जिससे साफ है कि ड्राइवर इस नए मॉडल को लेकर काफी उत्साहित हैं।

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अमित शाह ने दी जानकारी, दिसंबर तक पूरे देश में लॉन्च

सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 'भारत टैक्सी' को दिसंबर 2026 से पूरे देश में शुरू करने की तैयारी है। यह ऐप सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। शाह के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म का मकसद ड्राइवरों को प्राइवेट ऐप्स की हाई कमीशन कटौती से बचाना और उन्हें ज्यादा कमाई का मौका देना है।

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ड्राइवर को मिलेगा पूरा किराया कोई कट नहीं

'भारत टैक्सी' की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर राइड का पूरा किराया ड्राइवर को मिलेगा, ऐप कोई कमिशन नहीं काटेगा। यानी ड्राइवर जितना कमाएगा, वह सीधा उसके खाते में जाएगा। इसके साथ ही यात्रियों को भी कम किराये में सुरक्षित और भरोसेमंद राइड मिलेगी।

कौन चला रहा है यह ऐप?

इस ऐप के संचालन में देश की कई बड़ी सहकारी संस्थाएं शामिल हैं, जिनमें शामिल हैं अमूल, इफको, कृभको, नेफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी, नाबार्ड कहा जा रहा है कि यह देश का पहला डिजिटल राइड-हेलिंग ऐप है जो कोऑपरेटिव मॉडल पर चलेगा, यानी ड्राइवर और ग्राहक दोनों को फायदा।

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ऐप की प्रमुख खासियतें

आसान मोबाइल बुकिंग

पारदर्शी किराया

लाइव व्हीकल ट्रैकिंग

सत्यापित ड्राइवर

अलग-अलग भाषा में इंटरफेस

24x7 ग्राहक सहायता

दिल्ली पुलिस के साथ पार्टनरशिप के जरिए यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।

दिल्ली मेट्रो और अन्य ट्रांसपोर्ट से भी होगा लिंक

यात्रियों को एक ही ऐप पर ज्यादा सुविधा देने के लिए 'भारत टैक्सी' को दिल्ली मेट्रो और कई अन्य ट्रांसपोर्ट सेवाओं से जोड़ दिया गया है। इससे एक ही जगह पर रूट प्लानिंग और बुकिंग आसान हो जाएगी।

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सहारा जमाकर्ताओं को वापस मिली बड़ी राशि

लोकसभा में अमित शाह ने यह भी बताया कि सहारा की सहकारी समितियों में फंसे पैसे को वापस करने की प्रक्रिया जारी है। अब तक 35.44 लाख जमाकर्ताओं को 6,841.86 करोड़ रुपए लौटाए जा चुके हैं।