Bengaluru Weather News: भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बुरा कर दिया है। सूरज ढलने के बाद भी कई शहरों का तापमान कम नहीं हो रहा है। बात करें अगर बेंगलुरु की तो इस शहर ने पहले बाढ़ झेली, फिर पानी की किल्लत और अब तापमान का कहर भी झेल रहा है। हांलाकि, बेंगलुरु में यूं तो अक्सर ही छिटपुट बारिश होती रहती है, जो शहर के वातावरण को ठंडा रखती है लेकिन इस साल गर्मी की मार बेंगलुरु भी हद से ज्यादा झेल रहा है।

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सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट ने बताया कारण

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देश का इतना बड़ा आईटी हब इस सवाल का हल ढूंढ रहा है कि आखिर बेंगलुरु में रात में भी अधिक तापमान क्यों रिकॉर्ड हो रहा है। चलिए इस सवाल का जवाब आपको बताते हैं।

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन में बंगलुरु सहित प्रमुख भारतीय शहरों में रात के समय बढ़ते तापमान की चिंताजनक स्थिति पर प्रकाश डाला है। अध्ययन से पता चलता है कि शहरी विस्तार और बदलते जलवायु पैटर्न सहित कई कारण इस चिंताजनक प्रवृत्ति में योगदान दे रहे हैं।

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आमतौर पर हीटवेव मार्च और जुलाई के बीच होती हैं, लेकिन आजकल हम गर्मी की तुलना में अधिक आर्द्रता देख रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप गर्मी बढ़ रही है, रात का तापमान भी ठंडा नहीं हो रहा. क्योंकि कंक्रीट के स्ट्रक्चर दिन के दौरान गर्मी को अब्सॉर्ब (अवशोषित) कर लेती हैं और फंसकर रह जाती है. लिहाजा रात में भी गर्म हवाओं का एहसास होता है।

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आपको बता दें कि CSE ने जनवरी 2001 से लेकर अप्रैल 2024 तक देश के छह महानगरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता के डेटा की स्टडी की। इस दौरान हीटवेव, सरफेस टेंपरेचर और ह्यूमिडिटी (उमस) लेवल में आए बदलावों को रिव्यू किया गया।

बेंगलुरु में रात में अधिक तापमान है चिंताजनक

बेंगलुरु में गर्मियों के दौरान हाल ही में रात में 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई है। आपको बता दें कि इस तापमान में वृद्धि मार्च-अप्रैल 2024 में देखी गई है जो कि 2014-23 के तुलना में बहुत अधिक है। तापमान में यह वृद्धि रात के समय देखी जा रही है जो बहुत चिंताजनक है।

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पिछले 10 सालों में रात में नहीं होती थी अधिक गर्मी

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2001-2010 के दौरान देश के महानगरों में रात का तापमान दिन के तापमान की तुलना में 6.20-13.20 डिग्री सेल्सियस तक गिरता था। बीते 10 सालों (2014-2023) में रात का तापमान दिन की तुलना में 6.20-11.50 डिग्री सेल्सियस ही गिर रहा है।

आपको बता दें कि रिपोर्ट के मुताबिक, गर्म रातों की वजह से भविष्य में गर्मी से होने वाली मौतें छह गुना तक बढ़ सकती हैं।

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सिर्फ यही नहीं, सरफेस टेंपरेचर हीट स्ट्रेस को बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि औसतन 3.3 डिग्री सेल्सियस हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश, दिल्ली, आदि कई महानगरों में ऐसा ही हो रहा है। इसी वजह से दिल्ली में रात में भी ठंडक का एहसास नहीं हो रहा। दिन और रात के बीच लैंड सरफेस टेंपरेचर सिर्फ 9% कम हो रहा है।