Bengaluru Namma Metro Driverless Train: बेंगलुरूवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ चुकी है। नम्मा मेट्रो की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन में जल्द ही आप सफर कर पाएंगे। बेंगलुरु मेट्रो की पहली Driverless Metro Train का सिग्नलिंग टेस्ट जल्द होने वाला है। ड्राइवरलेस मेट्रो को 2021 में चालू करने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में इसकी समय सीमा को दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया था।
BMRCL ने दी ये जानकारी
आपको बता दें कि 20 फरवरी को, छह कोचों का पहला सेट बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) को चीन से हेब्बागोडी मेट्रो डिपो में मिला था। ये कोच वर्तमान में कई टेस्ट से गुजर रहे हैं।
बंगलुरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एक नए रोलिंग स्टॉक होने के कारण, कई टेस्ट करने की जरूरत है। इस समय, डिब्बों का स्थिर और इलेक्ट्रिक सर्किट परीक्षण चल रहा है। जल्द ही, उन्हें मेनलाइन परीक्षण में ले जाया जाएगा, जो सिग्नलिंग टेस्ट का हिस्सा है।
इतने टेस्ट के बाद दौड़ेगी बेंगलुरु में Driverless Metro Train
इस ट्रेन को कुल 37 मूल्यांकनों के लिए तैयार किया गया है, जिसमें सिग्नलिंग, दूरसंचार और बिजली आपूर्ति के साथ सिस्टम को भी जोड़ा गया है। अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) द्वारा किए गए ओसिलेशन एक्सरसाइज और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) द्वारा समीक्षा जैसी सुरक्षा जांच की योजना है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक RDSO और CMRS से सुझाव के साथ ट्रेन को शुरु करने के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी की आवश्यकता है।
बेहद खास है ड्राइवरलेस ट्रेन
ड्राइवरलेस ट्रेन अपनी अत्याधुनिक तकनीक के कारण कर्मचारी पर निर्भर नहीं होती, संचालन नियंत्रण केंद्र से उन्नत निरीक्षण, पटरियों की निगरानी, हॉट एक्सल डिटेक्शन सिस्टम, साथ ही बाधाओं और पटरी से उतरने की जांच। इसके अलावा, ट्रेन की गाड़ियों के दरवाजों पर मार्ग, विज्ञापन, घोषणाएं और अन्य प्रासंगिक डेटा दिखाने के लिए इस ट्रेन में इलेक्ट्रिक संकेत लगे होते हैं।
ये है Driverless Metro Train का मैप
इसके मेट्रो मैप की बात करें तो 18.82 किमी में फैली येलो लाइन आरवी रोड को बोम्मसांद्र से जोड़ती है। जो जयदेवा अस्पताल, सिल्क बोर्ड जंक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी जैसे प्रमुख स्थानों से होकर गुजरती है।
इसमें 16 स्टेशन शामिल हैं और आरवी रोड स्टेशन पर ग्रीन लाइन मेट्रो और जयदेव अस्पताल स्टेशन पर पिंक लाइन से जुड़ा है।
साथ ही, लाइन में रागी गुडा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड तक 3.13 किमी का मेट्रो सह-रोड फ्लावर है। जिसे सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन पर ट्रैफिक कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इसमें पांच लूप और रैंप शामिल हैं और यह केआर पुरम और होसूर रोड की ओर डबल डेकर फ्लावर का विस्तार है। दोनों निर्माण के आखिरी स्टेप में हैं।
येलो लाइन का लक्ष्य उन क्षेत्रों से जुड़ाव को बढ़ाना है जहां प्रमुख आईटी कंपनियां जैसे इंफोसिस और बायोकॉन स्थित हैं। और साथ ही दक्षिण बंगलूरू को भी जोड़ना है।
आपको बता दें कि शुरुआत में, बीएमआरसीएल हर 20 मिनट में एक ट्रिप चलाने की योजना बना रहा है। कुल मिलाकर 57 फॉरवर्ड और रिटर्न ट्रिप प्रतिदिन होंगी।
ड्राइवरलेस मेट्रो को शुरू में 2021 में चालू होने की उम्मीद थी। लेकिन बाद में इसकी समय सीमा को दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया।
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