Bangalore News: हमारे देश में ज्यादातर बच्चे इंजीनियर या डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। इसके पीछे एक वजह ये भी है कि इंजीनियर्स को सैलरी पैकेज बहुत अच्छा मिलता है। हाल ही में बेंगलुरु में रहने वाले 24 सालके एक सॉफ्टवेयर डेवलपर को उबर में 60 लाख रुपये(एलपीए) की नौकरी मिली है।

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बेंगलुरू के इस व्यक्ति को मिली

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मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, एमएनएनआईटी इलाहाबाद के पूर्व छात्र चित्रांश आनंद ने दो साल तक ओरेकल के साथ काम किया है और हाल ही में जब उन्हें नौकरी की लिस्ट मिली तो उन्होंने बेहतर नौकरी के अवसरों को ढूंढ़ने की कोशिश की। आनंद ने मनीकंट्रोल को बताया, "मैं लीटकोड और लेवल्स पर चर्चा बोर्ड देखता था, यहीं से मुझे उबर में खाली पोजिशन के बारे में पता चला और मैंने इसके लिए आवेदन करने का फैसला किया। उन्होंने अपने इंटरव्यू के लिए 7 महीने तक तैयारी की, जिसमें उनकी रातों की नींद भी उठ जाती थी। उन्होंने ये भी बताया कि, 'इसमें कुल चार राउंड थे, उनमें से दो मुश्किल थे और पूछे गए सवाल मेरे रिसर्च के दायरे से बाहर थे, लेकिन फिर भी मैं इसे पास करने में कामयाब रहा।' वह अगले महीने के अंत में उबर जॉइन करेंगे।

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आनंद की मां ने कहीं ये बात

जब आनंद से इस खबर पर उनके परिवार के रिएक्शन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता को उन पर बहुत गर्व है, खासकर उनकी मां को। उन्होंने बतायी कि, 'वे बहुत खुश थे। मेरी मां मेरे साथ बेंगलुरु में रहती हैं और उन्होंने मेरी रातों की नींद खराब होते करते हुए और देर रात तक पढ़ाई करते हुए देखा है, इसलिए वे बहुत खुश थीं। उन्होंने मुझे अब अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए भी कहा था।'

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साल 2022 में Oracle में मिली थी जॉब

आनंद मूल रूप से उत्तर प्रदेश में वाराणसी के पास मुगलसराय के रहने वाले हैं और साल 2022 में ओरेकल में 40 लाख रुपये प्रति वर्ष सैलरी वाली नौकरी मिलने के बाद से वह बेंगलुरु को अपना घर कह रहे हैं। ओरेकल में आनंद ने वर्क लाइफ बैलेंस संतुलन मिला। उन्हें पांच में से तीन दिन वर्क फ्रॉम ऑफिस करना होता था। वहीं, आनंद के अनुसार, उबर में उन्हें हफ्ते में केवल दो दिन काम पर जाना पड़ता था। उनका यह भी मानना ​​है कि उन्हें लंबे समय तक काम नहीं करना पड़ता।

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उन्होंने मनीकंट्रोल को ये भी जानकारी दी कि, 'मैंने अपने मैनेजर से बात की है और कंपनी के चर्चा मंचों पर भी नजर डाली है, मुझे नहीं लगता कि मुझे काम पर लंबे समय तक रहना पड़ेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें ज्यादा घंटे काम करना पड़ेगा तो भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। आनंद ने कहा, "अपने करियर के इस चरण में, मैं वर्क लाइफ बैलेंस के बारे में चिंतित नहीं हूं । मुझे मैजूदा अवसरों का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने और कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। मैं जीवन में बाद में बेहतर संतुलन बना सकता हूं।"

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जहां एक तरफ लोग ओवरवर्क को लेकर प्रेशर फील करते हैं वहीं आनंद ने काम को अपनी प्रॉयोरिटी रखा है और वह मेहनत से आगे भी बढ़ने के प्रयास में लगे हुए हैं।