नई दिल्ली: मोबाइल यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मोबाइल खरीदने से पहले बैटरी की जाँच करनी चाहिए। इतना ही नहीं इन डिवाइसेज के इस्तेमाल और मेंटेनेंस के तरीकों में वृद्धि हुई है। तो ऐसे में फोन के लिए सबसे महत्वपूर्ण इसकी बैटरी है, जिसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हालांकि, देखा जाए तो मोबाइल फोन को लेकर कई सारी अफवाहें हैं। इतना ही नहीं लोग भी बड़े आसानी से विश्वास भी कर लेते हैं। आज हम आपको स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़े कई झूठ के बारे में बताएंगे, जिनकी सच्चाई जानकर आप हैरान हो जाएंगे।
आपने अकसर सुना होगा कि फोन को ओवर चार्ज करने से फोन की बैटरी को बहुत नुकसान होता है। वहीं ओवर चार्जिंग से फोन की बैटरी ब्लास्ट भी हो सकती है। लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है। जानकारों की मानें तो फोन की बैटरी में ऐसा सिस्टम दिया जाता है, जिससे फोन फुल चार्ज होने पर इलेक्ट्रिसिटी को डिस्कनेक्ट कर देता है। इस सिस्टम से फोन की बैटरी को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचता है। मालूम हो कि एपल ने आईफोन 10 और आईफोन 11 में ऑप्टिमाइज बैटरी चार्जिंग फीचर दिया है। इस फीचर के जरिए फोन 80 फीसदी बैटरी खत्म होने पर मौजूदा एप्स को ऑप्टिमाइज कर देता है, जिससे बैटरी 20 फीसदी होने पर ड्रेन नहीं होती है।
कई लोगों से आपने यह भी सुना होगा कि स्मार्टफोन की बैटरी को जीरो से चार्ज करना चाहिए। लेकिन जानकारों का कहना है कि ऐसा करने से फोन की बैटरी को नुकसान होता है। डिस्चार्ज होने से बैटरी में रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं, जिससे बैटरी बैकअप कम हो जाता है। वहीं, कई टेक कंपनियां इस समस्या से निपटने के लिए अपने फोन में बैटरी मैनेंजमेंट फीचर देती हैं, जो एप्स को ऑप्टिमाइज कर बैटरी लेवल को जीरो नहीं होने देता है।
बहुत से लोगों ने तो फोन गरम होने पर बैटरी को निकाल देते हैं या फिर बैटरी को फ्रिजर में रख देते हैं। लेकिन ऐसा करने से बैटरी को ही नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं आपकी बैटरी बैकअप में सुधार भी नहीं होता है। हालांकि, बैटरी बैकअप को बढ़ाने के लिए फोन में मौजूदा फीचर्स को इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके साथ ही उन एप्स को डिलीट कर देना चाहिए, जिनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता है।
आपने देखा होगा ज्यादातर लोग एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर लगे चार्जिंग पोर्ट से फोन चार्ज करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे फोन चार्ज करना बहुत सुरक्षित है। लेकिन ऐसा करना बेहद गलत है। क्योंकि इससे लोगों का निजी डाटा लीक हो सकता है। जानकारों का कहना हैं कि हैकर्स इस तरह के चार्जिंग पोर्ट पर रीडर पोर्ट लगा देते हैं, जिससे लोगों की निजी फोटो, वीडियो और मैसेज लीक हो जाती हैं। तो ऐसे में लोगों फोन चार्ज करने के लिए पावरबैंक का इस्तेमाल करना चाहिए, जो कि बहुत सुरक्षित तरीका है।
आप सब एक दूसरे को नसीहत देते होगे कि फोन को उसके असली चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए। ऐसा करने से बैटरी को नुकसान नहीं पहुंचता है। इसके साथ ही लोगों का मानना है कि फोन को दूसरे चार्जर से चार्ज करने पर बैटरी का बैकअप कम हो जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना हैं कि फोन को दूसरे केबल और चार्जर से चार्ज करने पर बैटरी को नुकसान नहीं होता है। हालांकि, इससे फोन की चार्जिंग स्पीड थोड़ी कम हो जाती है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान