मुंबई। बैंक जहां अपने लोन का एक-एक रुपया वसूलने के लिए लोगों का घर तक बिकवा देती हैं, वहीं जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाले (विलफुल डिफॉल्टर्स) अमीरों का हजारों करोड़ रुपये माफ कर देती हैं। यह एक चौंकाने वाली जानकारी है, जो एक आरटीआई के जबाव में सामने आई है। आरबीआई से आरटीआई डाल कर इस संबंध में सवाल किया गया था, जिसका उसने उत्तर दिया है। यह जानकारी देश के टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टर्स को लेकर है। यह टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टर आईटी, बुनियादी ढांचे, बिजली, सोने-हीरे के आभूषण, फार्मा आदि सहित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए हुए हैं। इस लिस्ट में ऐसे ऐसे नाम हैं, जिन्हें जानकर सभी चौंक जाएंगे।
आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले की आरटीआई के तहत यह जानकारी आरबीआई से मांगी थी। उनकी इस आरटीआई का जवाब में आरबीआई के केंद्रीय जनसूचना अधिकारी ने बताया है कि 68,607 करोड़ रुपये का बकाया 30 सितंबर, 2019 तक माफ किया गया है।
आरटीआई के जबाव में दी गई जानकारी के अनुसार आरबीआई ने 16 दिसंबर, 2015 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए विदेशी उधारकर्ताओं के बारे में संबंधित जानकारी देने से भी मना कर दिया। बकायेदारों की इस सूची में टॉप पर है मेहुल चोकसी की घोटाले से प्रभावित कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड है। यह कंपनी 5492 करोड़ रुपये की कर्जदार थी, जो माफ कर दिया गया है। इसकी ग्रुप कंपनियों जैसे गिली इंडिया लिमिटेड और नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड ने भी क्रमशः 1,447 करोड़ रुपये और 1,109 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। चौकसी ने फिलहाल एंटीगुआ एंड बारबाडोस द्वीप समूह की नागरिकता ले ली है, जबकि उसका भतीजा और एक अन्य फरार हीरा व्यापारी नीरव मोदी लंदन में है।
इस सूची में दूसरे नंबर पर आरईआई एग्रो लिमिटेड है, जिसकी राशि 4,314 करोड़ रुपये है। इसके निदेशक संदीप झुझुनवाला और संजय झुनझुनवाला हैं, जो एक साल से अधिक समय से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अधीन हैं।
इसके बाद 4,076 करोड़ रुपये के लोन लेकर फरार हुए हीरा व्यापारी विनसम डायमंड एंड ज्वेलरी के मालिक जतिन मेहता हैं। इसके बैंक फ्रॉड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा की जा रही है। 2,000 करोड़ रुपये की श्रेणी में, कानपुर स्थित रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड है, जो प्रसिद्ध कोठारी समूह का हिस्सा है। इस कंपनी पर 2,850 करोड़ रुपये बकाया था।
इस श्रेणी में अन्य कंपनियों में कुडोस कीमी, पंजाब (2,326 करोड़ रुपये), रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, इंदौर (2,212 करोड़ रुपये), और जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, ग्वालियर (2,012 करोड़ रुपये) शामिल हैं। हरीश आर मेहता की अहमदाबाद स्थित फॉरएवर प्रेशियस ज्वैलरी एंड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड (1962 करोड़ रुपये) और फरार शराब कारोबारी विजय माल्या की निष्क्रिय किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड (1,943 करोड़ रुपये) जैसे कुछ प्रमुख नाम भी हैं। इनमें से रुचि सोया को बाद में बाबा रामदेव की पतंजलि ने खरीद लिया है।
इस लिस्ट में अन्य 25 कंपनियां हैं जिन पर 605 करोड़ रुपये से लेकर 984 करोड़ रुपये तक, या तो व्यक्तिगत रूप से या समूह कंपनियों के रूप में बकाया है। 50 टॉप विलफुल डिफॉल्टरों में से 6 हीरे या सोने के आभूषण उद्योगों से जुड़े हुए हैं।
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