नई दिल्ली: कोराना संकट में जब एक तरफ कर्मचारियों की सैलरी में कटौती और छंटनी हो रही है। तो वहीं दूसरी ओर बैंकों ने घर खरीदारों और बिल्डरों के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी है। कोरोना वायरस महामारी के कारण कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की सैलरी में कटौती और छंटनी की मार का असर अब रियल एस्टेट सेक्टर पर दिखना शुरू हो गया है। बिल्डर्स और विभिन्न प्रॉजेक्ट्स में फ्लैट बुक कराने वाले खरीदारों को इन दिनों एक नई तरह की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बैंक अब होम लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं बैंकों ने अपने ग्राहकों को होम लोन देना बंद कर दिया है। उन्हें यह डर सता रहा है कि कंपनियों में छंटनी और वेतन कटौती से उनका लोन खतरे में पड़ सकता है और ग्राहक लोन डिफॉल्ट कर सकते हैं।
बैंक मांग रहे नई सैलरी स्लिप
बैंक फ्लैट के खरीदारों को आगे का लोन जारी करने के लिए उनसे नई सैलरी स्लिप मांग रहे हैं। दरअसल, कंपनियों में सैलरी कटौती तथा व्यापक स्तर पर छंटनी के कारण बैंक पहले ही यह सुनिश्चित कर लेना चाहते हैं कि उनका लोन नहीं डूबे और उन्हें लोन की ईएमआई समय पर मिलती रहे। बता दें कि बिल्डर्स का कहना है कि उनके कई ग्राहकों ने यह शिकायत की है कि पिछले दो महीने से बैंक उन्हें लोन देने में आनाकानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई मामले ऐसे हैं, जिनमें बैंक फ्लैट के खरीदारों को 20% लोन पहले ही जारी कर चुके हैं, लेकिन अब लॉकडाउन के बाद बाकी का लोन देना बंद कर दिया है।
वेतन में हुई कटौतियों को देखते हुए बैंक ने लिया फैसला
बैंकों का कहना है कि लोन के डिस्बर्समेंट के समय उनका नियम यह सुनिश्चित करता है कि कर्ज लेने वाला व्यक्ति लोन चुकाने में सक्षम है या नहीं। एक निजी बैंक के अधिकारी ने बताया कि अगर लोन डिस्बर्समेंट के समय कर्ज लेने वाले व्यक्ति को लगता है कि उसकी आमदनी लोन की ईएमआई चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है तो वे लोन लेने से पीछे हटना उनके हितों के अनुकूल होगा। अगर मकान का पजेशन लेने से पहले ही वे डिफॉल्ट कर जाते हैं तो न तो उनके पास मकान होगा और न ही सस्ता मकान खरीदने के लिए क्रेडिट। वहीं महाराष्ट्र चैंबर ऑफ हाउजिंग इंडस्ट्री (ठाणे) के अध्यक्ष ने कहा कि वेतन में हुई कटौतियों को देखते हुए बैंक अपने ग्राहकों के होम लोन को रीवेलिडेट कर रहे हैं। मालूम हो आरबीआई डाटा के मुताबिक होम लोन की वृद्धि 27 मार्च से 24 अप्रैल के बीच 0.6% कम हो गई थी।
More Articles
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित